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सूचनाएं मांगने पर आरटीआई कार्यकर्ता से गालीगलौज

सार

सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत कोषागार से वित्त संबंधी सूचनाएं मांगे जाने पर आरटीआई कार्यकर्ता को फोन मिलाकर पहले मजबूरी समझाने की कोशिश की। आरटीआई कार्यकर्ता रवीश कुमार ने बताया कि कोषागार से संबंधित कुछ सूचनाएं उपलब्ध कराने के लिए 26 जुलाई 2021 को आवेदन प्रस्तुत किया था। इस पर कार्यकर्ता ने ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत रिकॉर्ड निकालकर देने का अनुरोध किया तो अचानक ही फोन करने वाले व्यक्ति का पारा चढ़ गया और वह गालीगलौज पर उतर आए।
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एटा। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत कोषागार से वित्त संबंधी सूचनाएं मांगे जाने पर आरटीआई कार्यकर्ता को फोन मिलाकर पहले मजबूरी समझाने की कोशिश की। कार्यकर्ता के तर्क दिए जाने पर गालियां सुना डालीं। कार्यकर्ता ने कॉल रिकॉर्डिंग के साथ कोतवाली नगर में तहरीर दी है।
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आरटीआई कार्यकर्ता रवीश कुमार ने बताया कि कोषागार से संबंधित कुछ सूचनाएं उपलब्ध कराने के लिए 26 जुलाई 2021 को आवेदन प्रस्तुत किया था। सूचना न मिलने पर राज्य सूचना आयोग में अपील दाखिल की। 21 सितंबर को उनके मोबाइल नंबर पर लैंडलाइन फोन नंबर से कॉल किया। बताया कि कोषागार से बोल रहे हैं, इस तरह की सूचनाओं का कोषागार कार्यालय में कोई रिकॉर्ड नहीं आता है।
इस पर कार्यकर्ता ने ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत रिकॉर्ड निकालकर देने का अनुरोध किया तो अचानक ही फोन करने वाले व्यक्ति का पारा चढ़ गया और वह गालीगलौज पर उतर आए। साथ ही धमकी देते हुए कहा कि कोषागार आओ तुमको बताते हैं। रवीश ने बताया कि अगले ही दिन 22 सितंबर को कोतवाली नगर में तहरीर दी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। कोतवाली नगर प्रभारी सुधीर राघव का कहना है कि उनके पास ऐसा कोई व्यक्ति नहीं आया है। आते हैं तो जांच जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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सिंचाई विभाग में ठेकेदारों के भुगतान आदि की सूचनाएं मांगी गईं। यह रिकॉर्ड विभाग पर ही होता है, कोषागार में नहीं। जो सूचना दी थी, उसका जवाब दे दिया गया। आरोप लगाने वाला व्यक्ति विभिन्न विभागों में आवेदन कर अनावश्यक रूप से परेशान करता है।
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- गजेंद्र सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी
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