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अब सिनेमा घरों में पहले राष्ट्रगान फिर होगा मनोरंजन

Wed, 30 Nov 2016 10:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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राष्ट्रगान - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सुप्रीम कोर्ट ने सिनेमा हाल में फिल्म दिखाने से पहले राष्ट्रगान बजाने और दर्शकों को इसके सम्मान में खड़े होने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के फैसले के बाद जिले के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। वहीं, शहर में संचालित ज्वाला टाकीज प्रबंधन ने राष्ट्रगान बजाने की तैयारी भी शुरू कर दी है।  
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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को देशभक्ति से जुड़े मामले पर फैसला सुनाया। अब सिनेमा हॉल में फिल्म दिखाने से पहले विज्ञापन और सरकार के प्रचार-प्रसार की फिल्में नहीं दिखाई जाएंगी। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए फिल्म दिखाने से पहले राष्ट्रगान बजाने का फैसला सुनाया। आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को देशभर के सिनेमाघरों में फिल्म दिखाने से पहले राष्ट्रगान बजाने को कहा है। साथ ही दर्शक राष्ट्रगान के सम्मान में खड़े होने के निर्देश दिए हैं। वहीं, स्क्रीन पर राष्ट्रीय ध्वज भी प्रदर्शित होगा। कोर्ट के फैसले का लोगों ने स्वागत किया है। आगरा रोड स्थित ज्वाला टाकीज पर फैसले की जानकारी करने को लोग पहुंचने लगे। प्रबंधक राहुल कपूर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सराहनीय है। विभागीय आदेश और राष्ट्रगान फिल्म मिलते ही दिखाना शुरू किया जाएगा। निर्देशों का अक्षरश: पालन होगा। त्रमांत सेवा संस्थान ने कोर्ट के फैसले पर हर्ष जताया है। शिव कुमार, राजेंद्र सिंह, नवीन कुमार, जितेंद्र कुमार, सुरेश कुमार, मनोज राजपूत, कैलाश बाबू, विमलेश कुमार मौजूद रहे।
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कहते हैं लोग
पंचम सिंह सोलंकी कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सराहनीय है। इससे लोगों में राष्ट्रगान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। वर्षों पहले फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान सुनाया जाता था, लेकिन अब ऐसा कुछ नहीं हो रहा है।
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किशन चंद्र मगलानी का कहना है कि फिल्म के प्रसारण से पहले राष्ट्रगान बजने से लोगों में देशभक्ति का भाव प्रबल होगा।  
विष्णु वार्ष्णेय बताते हैं कि यह पहला मौका है जब राष्ट्रगान के प्रति लोगों को जागरूक करने की पहल की गई है।  
अमर सक्सेना बताते हैं कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सराहनीय है। इस फैसले का स्वागत करते हैं। लोग राष्ट्रगान की गरिमा समझेंगे और फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान के सम्मान में खड़े होंगे।
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