एटा। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को यूनिफार्म सहित जूता मोजा, बैग व स्वेटर के लिए डीबीटी प्रत्यक्ष लाभ भुगतान के तहत विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खाते में 1200 रुपये भेजे जाते हैं। जिले में 3243 विद्यार्थियों के अभिभावक ऐसे हैं। जिनका आधार कार्ड बैंक के पास नहीं है। ऐसे में ये छात्र-छात्राएं योजना का लाभ लेने से वंचित हैं।
जिले में 1691 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। सरकार द्वारा विद्यार्थियों के लिए यूनिफार्म, जूता-मोजा व स्वेटर सहित बैग के लिए 1200 रुपये की धनराशि दी जाती है। जहां शासन से बैंक अकाउंट में आधार कार्ड जोड़ने की अनिवार्यता की गई है। वहीं विद्यार्थी के अभिभावक का आधार कार्ड शिक्षकों द्वारा भी पहले सत्यापित किया जाता है। इसके बाद बैंक में खाते में सीड कराना पड़ता है। तब जाकर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होती है।
इसके बाद अभिभावकों के खाते में डीबीटी के तहत धनराशि भेज दी जाती है। जिले में 3243 विद्यार्थियों के अभिभावक ऐसे है जिनका आधार कार्ड बैंक अकाउंट में नहीं लगा है। ऐसे में यह विद्यार्थी योजना के लाभ से वंचित हैं। जबकि जुलाई माह में जिले में 93165 विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक अकाउंट में डीबीटी के तहत धनराशि भेजी गई है।
आंकड़ो पर एक नजर
जिले में डीबीटी योजना के तहत मिला लाभ- 93165
बैंक अकाउंट में आधार कार्ड लगा पर सत्यापित नहीं हुआ- 3186
बैंक अकाउंट में नहीं लगा आधार कार्ड- 3243
शिक्षकों के पास पेंडिंग में सत्यापन के लिए आधार कार्ड- 2321
बैंक में सीड नहीं आधार कार्ड- 7966
-
प्रथम चरण में जिले के 93165 विद्यार्थियों के अभिभावकों ने बैंक अकाउंट में डीबीटी की धनराशि पहुंची है। जैसे-जैसे विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों का आधार कार्ड सत्यापित हो रहा है। वैसे-वैसे शासन को सूचना भेजी जा रही है। जिन विद्यार्थियों के अभिभावकों का आधार कार्ड बैंक में नहीं लगा है। उनसे कहा जा रहा है कि आधार कार्ड को बैंक अकाउंट में लगवाएं। जिससे योजना का लाभ मिल सके। -दिनेश कुमार, बीएसए