एटा। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार व उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर जिले में प्राचीन पाण्डुलिपियों, ताड़पत्रों व दुर्लभ अभिलेखों के संरक्षण के लिए ज्ञान भारतम् मिशन के तहत विशेष सर्वेक्षण अभियान शुरू किया है। जिलाधिकारी प्रेमरंजन सिंह ने बताया कि जिले की गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए यह अभियान संचालित किया जा रहा है।
डीएम ने कहा कि जिले में मौजूद निजी संस्थानों, संस्कृत पाठशालाओं, मंदिरों, मठों, आश्रमों, गुरुकुलों, ट्रस्टों समेत उन निजी संग्राहकों से भी सहयोग अपेक्षित है जिनके पास प्राचीन पाण्डुलिपियों का निजी संग्रह उपलब्ध है। इस दायरे में पुरोहित, धर्माचार्य, ज्योतिषाचार्य, आयुर्वेदाचार्य व संस्कृत व प्राचीन भाषाओं के विद्वान भी शामिल किए गए हैं। उन्होंने जिले के लोगों से अपील की कि वे अपने पास सुरक्षित पाण्डुलिपियों का विवरण 30 अप्रैल सायं 5 बजे तक जिला विद्यालय निरीक्षक या मुख्य विकास अधिकारी के कार्यालय में उपलब्ध करा दें। संवाद