एटा। अज्ञात शवों की पहचान के लिए अब दाह संस्कार से पहले डीएनए सैंपल लिया जाएगा। शासन के निर्देश पर सीएमओ ने आदेश जारी कर दिया है। 72 घंटे तक पहचान न होने पर अज्ञात शव का डीएनए नमूना लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा। इससे शव के संभावित परिजन का पता लगाने में मदद मिलेगी।
सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि अपर निदेशक राज्य चिकित्सा विधि विशेषज्ञ प्रकोष्ठ डॉ. एपी तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
पोस्टमार्टम गृह पर अज्ञात शव मिलने के बाद उसकी पहचान कराने का प्रयास किया जाएगा। 72 घंटे बाद भी पहचान नहीं होने पर दाह संस्कार से पहले शव से डीएनए सैंपल लिया जाएगा और इसे संबंधित जांच केंद्र भेजा जाएगा। भविष्य में किसी व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिलने पर उसके परिजन के डीएनए नमूने से मिलान कर शव की पहचान की जा सकेगी। इस व्यवस्था से अज्ञात शवों की पहचान में होने वाली दिक्कतें कम होंगी और परिजन को लापता सदस्य की जानकारी हासिल करने में मदद मिलेगी।