अलीगंज। उपचार के अभाव में शनिवार को एक और व्यक्ति की मौत हो गई। 15 दिनों में आठ लोगों की मौत से कस्बे में दहशत का आलम है।
लॉकडाउन के दौरान इलाज के लिए भटकते रहे लोगों को अनलॉक के दौरान भी सही उपचार नहीं मिल रहा। ऐसे में इलाज के अभाव में लोग दम तोड़ रहे हैं। ग्रामीण अंचल तो दूर कसबा में ही एक पखवाड़े में आठ लोगों की मौत इसका प्रमाण है। शनिवार रात को कसबा निवासी व्यवसायी बुलाकी राम गुप्ता की तबियत अचानक बिगड़ गई। निजी चिकित्सक ने देखा तक नहीं।
परिजन पीड़ित को लेकर फर्रुखाबाद गए, लेकिन दस किमी दूर जाकर ही दम तोड़ दिया। आरोप है कि कस्बे के निजी चिकित्सक मरीज को कोरोना के भय के चलते नहीं देख रहे। वहीं, सीएचसी के चिकित्सक भी गंभीर बताकर रेफर कर रहे हैं। पूर्व पालिकाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष व्यापार मंडल प्रदीप गुप्ता ने बताया कि चिकित्सीय अभाव में कसबा के आठ लोगों की मौत हो चुकी है।
राजकुमार गुप्ता की मौत के बाद युवा पुत्र सोनू की भी उपचार के अभाव में मौत हो गई। सांसद की सिफारिश के बाद भी चिकित्सकों ने नहीं देखा। क्षेत्रीय विधायक सत्यपाल सिंह राठौर ने सचिव प्रदेश शासन से अव्यवस्थाओं की शिकायत की। मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की गई है। शनिवार रात को हुई मौत से लोगों में दहशत का आलम है।