रोडवेज बस स्टैंड चौकी के सामने टूटा जीटी रोड का डिवाइडर ।संवाद
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एटा। शहर के जीटी रोड पर 60 लाख रुपये खर्च कर नए सिरे से डिवाइडर बनाया गया। दो साल पूरे होने से पहले ही यह जगह-जगह से टूट चुका है। जिसकी वजह से यह हादसों को न्योता दे रहा है। कई जगह पर तो टूटे हुए डिवाइडर के पत्थर सड़क किनारे पड़े हुए हैं जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। यूं तो निर्माण के दौरान ही इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे। व्यापार मंडल ने इसकी शिकायत भी की। इसके बावजूद अधिकारी मौन बने रहे।
जीटी रोड पर शहर के मध्य से गुजरने वाले तीन किलोमीटर लंबे डिवाइडर का कार्य एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) द्वारा साल 2021 में करीब 60 लाख रुपये की लागत से किया गया। दो साल पूरे होने से पहले ही जगह-जगह डिवाइडर टूट गया है। दोपहिया व चार पहिया वाहन इसके बीच से निकाले जा रहे हैं। जिससे दूसरी तरफ से आ रहे तेज रफ्तार वाहन टकरा जाते हैं और लोग घायल हो जाते हैं। वहीं डिवाइडर के टूटे हुए हिस्से सड़क किनारे पड़े होने से वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नौ इंच के डिवाइडर को चार इंच में किया परिवर्तित
शहर के जीटी रोड पर डिवाइडर पहले नौ इंच दीवार का बना हुआ था। जिसे एनएचएआई के ठेकेदार ने करीब चार इंच में तब्दील कर दिया। वाहनों की टक्कर से यह लगातार टूट रहा है। कार्य के नाम पर सिर्फ खानापूरी कर इस मार्ग को लोक निर्माण विभाग को सौंप दिया।