एटा। थाना देहात कोतवाली क्षेत्र के अल्लेपुर गांव में 6 माह के नवजात की बुखार से मौत हो गई। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मृतक नवजात के यहां पहुंचकर जांच की।
अल्लेपुर निवासी रुपेंद्र उर्फ करू का 6 माह के नवजात को बुधवार को बुखार आ गया। इसके बाद परिजन ने घर में रखीं दवाएं उसे खिला दी। इसके बाद उसका बुखार सही हो गया। शुक्रवार शाम करीब 6 बजे अचानक उसकी मौत हो गई। मौत होने के बाद पूरे परिवार में मातम छा गया। सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को गांव का निरीक्षण किया। रुपेंद्र के घर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। वहां पर जानकारी ली गई तो बताया कि घर पर रखी हुई दवा बेटे को दे दी। इसके बाद उसका बुखार सही हो गया। इसके बाद अगले दिन शाम को उसकी मौत हो गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दवाएं मांगी लेकिन परिजन ने कोई दवा नहीं दिखाई। वहीं किसी भी चिकित्सक का कोई दवा का पर्चा भी नहीं दिखाया। बताया कि उसके घर में घुली हुई दवा रखी हुई थी। वही दवा खिला दी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर में सभी लोगों का परीक्षण किया। कोई भी बीमार नहीं निकला। इस दौरान मलेरिया निरीक्षक लोकमन सिंह, डॉ. आकाश, सुशील बघेल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
30 दिन तक रहती है एक्सपायरी तिथि
डॉ. आकाश ने बताया कि बच्चों को घोलने वाली दवाइयां 30 दिन के अंदर देनी चाहिए। इसके बाद बची हुई दवा का बच्चों को सेवन नहीं कराना चाहिए। 30 दिन बाद दवा का सेवन कराने से हानि हो सकती है।
हार्ट अटैक और सांस उखड़ने से पीड़ित दो महिलाओं की मौत
एटा। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में दो महिलाओं को परिजन लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत मृत घोषित कर दिया।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में शुक्रवार की शाम करीब सात बजे कुषमा देवी (55) निवासी शास्त्री नगर जैथरा को परिजन लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत मृत घोषित कर दिया। पुत्र विष्णु ने बताया कि उन्हें कई दिनों से सांस की समस्या थी। शुक्रवार शाम करीब पांच बजे उनकी सांस उखड़ गई। इससे तबीयत बिगड़ गई। उन्हें मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर गए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं शुक्रवार रात करीब 11ः30 बजे अनेकश्री (43) निवासी सुंदरपुर को परिजन लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने हार्ट अटैक से मृत घोषित कर दिया।