न्यायालय की विद्युत लाइन को अस्पताल के ट्रांसफार्मर से कनेक्ट करने के लिए गुरुवार को निगम कर्मियों ने जिला अस्पताल की बिजली दो बार में पांच घंटे के लिए गुल कर दी। इसके चलते अस्पताल के विभिन्न वार्ड में भर्ती मरीज और उनके तीमारदारों को वार्ड से बाहर निकल कर बाहर खड़े रहना पड़ा।
सबसे ज्यादा परेशानी महिला चिकित्सालय, बर्न और पोषण केंद्र में भर्ती मरीजों, बच्चों और उनके तीमारदाराें को उठानी पड़ी। अल्ट्रासाउंड और एक्सरे सेंटर पर भी बड़ी संख्या में मरीज परेशान रहे।
दरअसल न्यायालय परिसर के लिए पावर कारपोरेशन ने नई विद्युत लाइन लगा कर उसे जिला अस्पताल के बड़े ट्रांसफार्मर से कनेक्ट किया है। ताकि कोर्ट परिसर को कटौती से बिजली मुक्त रखा जा सके।
गुरुवार को अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और देर तक सुचारु नहीं हुई तो जिला अस्पताल के महिला चिकित्सालय, बर्न वार्ड और पोषण केंद्र में हड़कंप मच गया। एक के बाद एक दो बार में पांच घंटे तक बिजली कटौती की गई। मरीज और उनके तीमारदार उमस भरी गर्मी में वार्ड से बाहर निकल आने को मजबूर हो गए।
दंत चिकित्सा और आंख विभाग में ऑपरेशन के लिए लाइन लगाए बैठे मरीजों को भी चिकित्सकों ने बिजली नहीं होने के कारण लौटा दिया। सबसे ज्यादा परेशानी महिला चिकित्सालय में प्रसव के बाद आराम कर रही प्रसूताओं, बर्न वार्ड में भर्ती झुलसे मरीजों और पोषण केंद्र में भर्ती कुपोषण के शिकार बच्चों को हुई।