रिजोर क्षेत्र के गांव प्रतापपुर में खेत में आग को बुझाते दमकलकर्मी। संवाद
सकीट। रिजोर थाना क्षेत्र के गांव प्रतापपुर में सोमवार को बिजली के तारों से उठी चिंगारी से खेतों में खड़ी सूखी गेहूं की फसल में आग लग गई। खेतों में कटी रखी सूखी फसल में लगी आग खेतों में खड़ी फसल में भी फैल गई। किसानों के लाख प्रयास के बाद भी 40 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।
प्रतापपुर में हुए इस भीषण अग्निकांड में चार किसान प्रभावित हुए हैं। प्रतापपुर में रिजोर के जगवीर सिंह, नगला बरी के बच्चन सिंह, रजकोट के प्रेमपाल के खेत हैं। किसानों ने बताया सोमवार की दोपहर को बिजली के तारों के आपस में टकराने से चिंगारी नीचे गिरने पर खेतों में कटी रखी गेहूं की सूखी फसल में फैल गई। फसल सूखी होने पर पलक झपकते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। फसल से आग की लपटें उठता देख गांव में खलबली मच गई। आग की खबर पर आस पास के गांव के लोग दौड़कर प्रतापपुर पहुंच गए और आग बुझाने का प्रयास करने लगे। खेतों में रखी कटी फसल में लगी आग तेज हवा के साथ खेतों में खड़ी फसल में फैल गई। हवा के साथ आग के फैलने पर लोगों के होश उड़ गए। दमकल के पहुंचने तक किसानों ने आग पर काबू पा लिया, लेकिन तब तक चार किसानों की लगभग 40 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।
आग लगने पर चार लाख रुपये से अधिक का नुकसान
रिजोर क्षेत्र के गांव प्रतापपुर में सोमवार दोपहर को हुए अग्निकांड में चार किसानों की गेहूं की फसल जलकर नष्ट हुई है। किसानों की मानें तो एक बीघा में चार क्विंटल गेहूं की पैदावार होती है। सरकारी क्रय केंद्र पर एक क्विंटल गेहूं का मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल है। इस हिसाब से 40 बीघा खेत में आग लगने पर चार लाख रुपये से अधिक के नुकसान होने का अनुमान है। आग लगने के बाद चारों किसानों के परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्रतापपुर गांव में आग बिजली के तारों के आपस में टकराने से लगी यह स्पष्ट नहीं हो सका है। क्योंकि चिंगारी से कोई तार नहीं टूटा है और न लाइन में अन्य कोई खामी है। किसानों की शिकायत पर आग लगने के कारण की जांच की जा रही है। - जितेंद्र सिंह, जेई विद्युत निगम