एटा। बंगलूरू में एआई इंजीनियर ने दहेज उत्पीड़न के मामले से त्रस्त आकर खुदकुशी कर ली। यहां भी जिले में इस तरह के केसों की भरमार है। हर माह औसतन 6 मामले दर्ज किए जा रहे हैं। महिलाओं का उत्पीड़न होना चिंताजनक है, लेकिन इससे भी ज्यादा चिंताजनक है कि प्रारंभिक जांच में ही 33 फीसदी मामले फर्जी पाए जा रहे हैं। घरेलू कलह को दहेज उत्पीड़न का रूप दिया जा रहा है।
पुलिस इस सामाजिक बुराई को दूर करने के लिए ऑपरेशन जागृति और मिशन शक्ति जैसे कार्यक्रम चला रही है। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी हर ओर जागरूकता फैलाई जा रही है। इतना सब करने के बाद भी सुधार नहीं आ रहा और दहेज उत्पीड़न के मामले थानों में लगातार बढ़ रहे हैं। आंकड़ों की बात करें तो जिले में हर माह दहेज उत्पीड़न के औसतन 6 मामले दर्ज हो रहे हैं। जब इनकी प्रारंभिक जांच-पड़ताल गहनता के साथ की जाती है, तो औसतन 2 मामले फर्जी पाए जाते हैं।
एएसपी राजकुमार सिंह ने बताया कि सामाजिक परिवेश में परिवर्तन के कारण इस प्रकार के मामले बढ़ रहे हैं। एकाकी परिवार की जीवनशैली के कारण लोगों के अंदर काफी बदलाव आया है। उन्हें कोई समझाने वाला नहीं है, जिसके कारण सहनशक्ति खत्म होती जा रही है। फिर भी हम प्रयास कर रहे हैं कि मामलों में कमी आए और लोग स्वार्थ छोड़कर सामाजिकता के बारे में भी सोचें। महिलाएं व उनके मायके पक्ष के लोग भी अनावश्यक रूप से दहेज उत्पीड़न के केस कर परिवार में विघटन न पैदा करें।
केस एक-
प्राथमिक जांच के बाद आरोपों में संदेह मिला
कस्बा व थाना मोहल्ला किला निवासी अब्दुल ने अपनी बेटी शबनम का निकाह थाना राजाखेड़ा जिला धौलपुर राजस्थान निवासी मोनू के साथ किया था। कुछ कहासुनी हुई तो कुछ समय बाद ही शबनम की ओर से मोनू व उसके परिजन के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज करा दिया गया। प्राथमिक जांच के बाद आरोपों में संदेह मिला। मामला परिवार परामर्श केंद्र में पहुंचाया गया। 5 नवंबर को आरोप वापस लेकर शबनम ने समझौता कर लिया। इस बीच मोनू और उसका परिवार मानसिक तनाव से जूझता रहा।
केस दो -
मामला परिवार परामर्श केंद्र में पहुंचा
थाना बागवाला के गांव खड़ौआ निवासी सलमान का निकाह कासगंज जिले के थाना सुन्नगढ़ी गांव किसौल निवासी रिंकी के साथ हुआ था। आपसी विवाद के चलते रिंकी की ओर से दहेज उत्पीड़न का केस सलमान व उसके परिजन के खिलाफ दर्ज करा दिया गया। यहां प्रारंभिक जांच पड़ताल में आरोप सही नहीं मिले। मामला परिवार परामर्श केंद्र में पहुंचा। 13 नवंबर को दोनों के बीच सुलह समझौता हो गया।