एटा। महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए लागू की गई चेहरा प्रमाणीकरण प्रणाली को लेकर जिले में लापरवाही बरती जा रही है। ऐसी 31 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय रोका गया है।
बाल विकास परियोजना जैथरा में 15, अलीगंज में 10, मारहरा में 5 तथा सकीट में 1 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने चेहरा प्रमाणीकरण एप के माध्यम से बच्चों और लाभार्थियों को पोषाहार वितरण की एंट्री नहीं की। अधिकारियों की ओर से कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद कार्यकर्ताओं ने डिजिटल उपस्थिति व वितरण की पुष्टि अपलोड नहीं की।
जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय सिंह ने बताया कि विभागीय निर्देशों के अनुसार पोषाहार वितरण की प्रक्रिया अब चेहरा प्रमाणीकरण से ही मान्य है। इसमें लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई निश्चित है। उन्होंने बताया कि सेवा की जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा पोषाहार व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए यह कदम उठाया गया है। संबंधित सभी कार्यकर्ताओं का मानदेय रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया गया है। समय पर संतोषजनक जवाब न मिलने पर आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी।