सामाजिक, आर्थिक और जातिगत जनगणना-2011 की सभी वार्डों की सूचियां गत दिनों नगर पालिका को प्राप्त हो चुकी हैं। पालिका प्रशासन द्वारा इनका प्रकाशन कचहरी रोड स्थित जलकल विभाग कार्यालय पर कराया जा रहा है। लोगों को सूचियों के संबंध में जागरुक करने के लिए शहर में लाउडस्पीकर द्वारा प्रतिदिन मुनादी भी कराई जा रही है। पालिका प्रशासन का कहना है। सोमवार तक प्रारूपों के माध्यम से लगभग 25 दावे और आपत्तियां दर्ज की गई हैं।
सामाजिक, आर्थिक एवं जातिगत जनगणना-2011 की सूचियों का प्रकाशन 21 से 30 जनवरी तक ग्राम सभा, विकास खंड, नगर पालिका के सभी वार्डों, नगर पंचायत, तहसील व जिला स्तर पर किया था। मगर एटा नगर पालिका को सूचियां देर से प्राप्त होने के चलते इनका प्रकाशन नहीं हो पाया। अब नगर पालिका को सूचियां प्राप्त हो चुकी हैं, तो इनका प्रकाशन भी कराया जा रहा है। लोगों से सूची में व्याप्त त्रुटियों के लिए प्रारूपों के माध्यम से दावे-आपत्तियां भी ली जा रही हैं। अब तक विभाग को 25 दावे अपत्तियां प्राप्त हुई हैं। इसमें लोगों के नाम में पाई-मात्रा की गलती सामने आ रही है।
ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक केके वैश्य के अनुसार सामाजिक, आर्थिक एवं जातिगत जनगणना-2011 के तहत बनी सूची के अधार पर ही बीपीएल सर्वे होगा। इसके आधार पर ही ग्राम्य विकास की योजनाएं लागू होंगी। इस कारण ग्राम सभा, नगर पालिका व नगर पंचायत के सभी वार्डों में सूचियों के प्रकाशन के समय लोग यह देख लें कि सूची में किसी परिवार का नाम छूट तो नहीं गया है। या सूची में किसी व्यक्ति के संबंध में कोई गलत जानकारी तो नहीं दी गई है। ऐसा होने पर वह व्यक्ति 31 जनवरी से 20 फरवरी तक संबंधित अधिकारियों को निर्धारित प्रारूप भरकर अपने दावे और आपत्ति दर्ज कर सकता है। उन्होंने बताया कि दावों और आपत्तियों का निपटारा 21 फरवरी से 14 मार्च तक किया जाएगा।