श्री संकट मोचन धाम सैलई एवं भक्ति एवं साहित्य समारोह में सोमवार को परंपरागत तरीके से सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया। इस सामूहिक विवाह समारोह में 22 जोड़े परिणय बंधन में बंधे।
न्याय मूर्ति पीएन पाराशर एवं उनकी पत्नी दिनेश पाराशर ने सामूहिक विवाह समारोह को पूजा अर्चना के साथ शुरू कराया। सुबह को हवन यज्ञ आयोजित हुआ। इसके पश्चात परिसर में बने पंडाल सामूहिक विवाह का कार्यक्रम हुआ। यज्ञ वेदियों पर जोड़ों को बैठाया गया, विधि विधान से मंत्रोच्चारण के साथ वैवाहिक रस्में पूरी कराई गईं। इसके पश्चात आयोजित भोज में वर वधू पक्ष के लोगों ने भोज ग्रहण किया। आयोजकों ने वर एवं वधू को आशीष प्रदान करने के साथ साथ उपहार प्रदान किए। इन उपहारों में अलमारी, बैंड, बर्तन, कपड़े, आभूषण, शृंगार सहित अन्य तरह के उपहार थे। इस मौके पर न्यायमूर्ति पीएन पाराशर ने कहा कि श्री संकट मोचन धाम सैलई में ऐसे सेवा भावी कार्यों का सिलसिला अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन से समाज में सहयोग एवं एकता का संदेश जाता है। लोगों के मन में सेवा की भावना भी जाग्रत होती है। वैवाहिक रस्में पुरोहित प्रदीप के द्वारा संपन्न कराई गईं। इस दौरान रामकिशोर वाष्णेय, गौरव जाजू, अजय तिवारी, बालकृष्ण पाराशर, नरेंद्र कुमार, रिहान अहमद, सत्येंद्र पंडा, अनुपम शर्मा, डा. योगेंद्र द्विवेदी, डा. सुरेंद्र गुप्ता, रमन किशोर पल्तानी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
गायत्री परिवार की महिला की थी सक्रिय
कासगंज(ब्यूरो)। सामूहिक विवाह के आयोजन में गायत्री परिवार की महिलाओं की टीम सक्रिय थी। महिलाओं के द्वारा वैवाहिक रस्मों को पूरा कराया जा रहा था।