एटा। शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक ब्लॉक के दो विद्यालयों को पीएम श्री (स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) के तहत उच्चीकृत किया जाएगा। ये सभी मॉडल स्कूल बनेंगे, जहां बच्चों को पढ़ाने-लिखाने के लिए आधुनिक संसाधनों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए अभी 216 विद्यालय चिह्नित किए गए हैं।
जिले में 1691 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1.69 लाख के करीब छात्र-छात्राएं पठन पाठन करते हैं। पीएम श्री योजना के तहत केंद्र सरकार के सर्वे में अभी जिले के 216 विद्यालय चिह्नित किए गए हैं। पड़ताल में संसाधन दुरुस्त मिलने पर इनमें से प्रत्येक ब्लॉक में दो स्कूलों को चयनित किया जाएगा। चयनित स्कूलों में नवीनतम तकनीक, स्मार्ट कक्षा, खेल और आधुनिक आधारभूत व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति पर जोर दिया जाएगा। ड्रॉप आउट में कमी लाने की कोशिश की जाएगी। स्कूलों के चयन के लिए 60 मानक निर्धारित किए गए हैं। स्कूलों के प्रधानाचार्य को भी परीक्षा देनी होगी।
स्कूलों में बढ़ाई जाएंगी ये सुविधाएं
पीएम श्री स्कूलों में प्रैक्टीकल, समग्र, एकीकृत, वास्तविक जीवन की स्थितियों पर आधारित पढ़ाई कराई जाएगी। शिक्षकों के लिए भी यह काफी अहम होगा। इनमें स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, कौशल प्रयोगशाला, खेल का मैदान, कंप्यूटर प्रयोगशाला, विज्ञान प्रयोगशाला आदि की व्यवस्था होगी।
दिया गया प्रशिक्षण
मंगलवार को बीएसए कार्यालय में जलेसर व अवागढ़ क्षेत्र के चिह्नित विद्यालयों के शिक्षकों को परीक्षा के लिए प्रशिक्षण दिया गया। डीसी सिविल संजय ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा सर्वे के आधार पर जो स्कूल चिह्नित किए गए हैं। उनके प्रधानाचार्यों को पहले प्रशिक्षण दिया जाएगा।