एटा। नियमों को ताक पर रखकर कंपनियां अपने उत्पादों की बिक्री करने में लगी हुईं हैं। पैकिंग पर नियम-शर्तें आदि लिखने में मनमानी कर रहीं हैं। इस तरह की चार कंपनियों पर जुर्माना लगाकर वसूला गया है, इसमें इफको भी शामिल है।
जिला विधिक माप विज्ञान विभाग की ओर से पैकेजिंग उत्पादों की पड़ताल एवं जांच में ये खुलासे हुए हैं। कंपनियां अपने पैकेजिंग उत्पादों को छोटे-छोटे अक्षरों में नियम-शर्तें लिखकर बाजार में उतार रही हैं। इसकी वजह से ग्राहक ठीक से पढ़ नहीं पा रहे हैं और ग्राहकों के साथ एक तरह से धोखा किया जा रहा है। ऐसी तमाम कंपनियों नियम उल्लंघन में शामिल पाई गई तो जुर्माना लगाया गया।
इफको उर्वरक (खाद) के साथ ही पौधों को पोषण देने वाले उत्पादों और कीटनाशक किसानों को मुहैया कराती है। नियमों को दरकिनार करके उत्पादों की पैकिंग पकड़ में आई है। कंपनी से 50 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है। कार्वेटा एग्री साइंस हैदराबाद बीज उत्पादन कंपनी पर 25 हजार और सिस्का एलईडी बल्ब बनाने वाली कंपनी से 75 हजार जुर्माना वसूला है। जीएम फूड्स कंपनी आटा, बेसन आदि उत्पादों को बाजार में ब्रिकी कर रही है, इससे 25 हजार का जुर्माना वसूला गया है। जबकि हगीज डायपर के निर्धारित साइज में कमी पाने पर नोटिस जारी किया गया है।
नियम पढ़ने में नहीं आने से समझना होता है मुश्किल
कंपनियों को अपने उत्पादों के बारे में नियम के तहत पूरी जानकारी पैकिंग पर प्रदर्शित करनी होती है। ताकि ग्राहक उत्पाद लेने से पहले पूरी तरह से पढ़कर संतुष्ट हो सके, लेकिन लिखावट छोटी होने से ग्राहक उत्पाद को समझ नहीं पाता और खरीद लेता है। इससे बाद में परेशानी होती है।
कंपनियां मनमाने तरीके से उत्पादों की पैकिंग करा रही है। उस पर नियमों के तहत लिखावट नहीं होने से ग्राहक परेशान होते हैं। ऐसी चार कंपनियों से दो माह में 1.75 लाख जुर्माना वसूला है, एक कंपनी को नोटिस भेजा गया है। -ललित कुमार त्रिपाठी, जिला विधिक माप विज्ञान अधिकारी