एटा। जिले में बर्ड फ्लू से बचाव के लिए 16 रैपिड रेस्पांस टीमों का गठन किया गया है। इसके साथ ही जिले के सभी पोल्ट्री फार्म और गोशालाओं में सेनिटाइजेशन शुरू कराया गया है। इसके साथ ही अंडा व मीट विक्रेताओं का भी सर्वे कराया जा रहा है, ताकि इनको भी जानकारी देकर बर्ड फ्लू को फैलने से रोका जा सके।
जिले में इस समय 43 पोल्ट्री फार्म और 30 गोशालाएं संचालित हैं। पोल्ट्री फार्म का सर्वे कराया जा रहा है ताकि यहां रह रहे चूजों की सही जानकारी मिल सके। इसके लिए 16 रैपिड रेस्पांस टीमों का गठन किया गया है। यह ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कार्य करेंगी और लोगों को बर्ड फ्लू के प्रति जागरूक करेंगी।
सीवीओ अनिल कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी प्रेमरंजन सिंह ने वन विभाग और पशुपालन विभाग के साथ बैठक कर बर्ड फ्लू को रोकने के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं। सभी पोल्ट्री फार्म पर बायो सिक्योरिटी मानकों का ध्यान रखना जरूरी है। इसके अलावा स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें और फार्म के अंदर शरीर को ढककर व मास्क लगाकर ही जाएं।
शुक्रवार से शुरू हुए अभियान के तहत पहले सर्वे और उसके साथ ही सभी पोल्ट्री फार्म और गोशालाओं में सेनिटाइजेशन शुरू कर दिया गया है। सभी पोल्ट्री फार्म हाउस में बाहर से अंडे या चूजा लाने के अलावा मुर्गी दाना भी बाहर से नहीं आना चाहिए। इस प्रकार की प्रक्रिया 1 माह तक करने पर इस बीमारी को फैलने से काफी हद तक रोका जा सकता है। सीवीओ ने बताया कि सावधानी बरतने पर किसी भी बीमारी की रोकथाम की जा सकती है।