एटा। आगरा से जलेसर और निधौली कलां होते हुए एटा तक पहुंचाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 321जी के लिए अब लोगों का इंतजार खत्म हो गया है। टेंडर प्रक्रिया होने के बाद निर्माण संबंधी अन्य औपचारिकताएं शुरू हो गई हैं। रास्ते में आने वाले 1500 पेड़ों को काटा जाएगा। इसके लिए एनएचएआई के आवेदन पर वन विभाग ने अनुमति जारी कर दी है। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद भी मार्ग का निर्माण लंबे समय तक नहीं हो सका। दरअसल टेंडर प्रक्रिया और बजट के अभाव में यह प्रोजेक्ट थमा हुआ था। अब बजट जारी होने के साथ ही इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी करा ली गई है। निर्माण की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इटावा को दी गई है। जिसने निर्माण कार्य संबंधी प्रक्रिया शुरू कर दी हैं।
वर्तमान में यह मार्ग सिंगल लेन है
राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान इसे चौड़ा कर टू लेन बनाया जाएगा। इसके लिए भूमि अधिग्रहण भी किया जाना है। फिलहाल चौड़ीकरण में आने वाली भूमि पर लगे पेड़ों को काटने की अनुमति वन विभाग से ली गई है। विभाग ने शर्तों के अधीन अनुमति जारी कर दी है। इसके तहत एक पेड़ के बदले दस पौधे खाली जमीन पर रोपित करने होंगे। जिससे के आने वाले समय में इन कटे हुए पेड़ों की भरपाई हो सके।
जो पेड़ काटे जाने हैं, उनमें से अधिकांश पुराने और सूखी स्थिति वाले हैं। कार्यदायी संस्था को नियमानुसार दस गुना पौधे रोपित करने होंगे। इसके लिए उपयुक्त स्थान की तलाश की जा रही है।
- सौरीष सहाय, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी