एटा। बागवाला थाना क्षेत्र के अंतर्गत 17 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसला कर ले जाने व दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने युवक को दोषी करार दिया। उसको बारह साल के कठोर कारावास व चालीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।फिरोजाबाद जिले के रसूलपुर थाने के आशावाद गांव निवासी दिनेश के खिलाफ अदालत में बागवाला पुलिस ने आरोपपत्र भेजा। इसमें आरोप था कि उसने 23 जनवरी 2021 को 17 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाया और दुष्कर्म किया। किशोरी के बरामद होने पर उसके बयानों के आधार पर इन धाराओं की बढ़ोतरी हुई। अदालत द्वारा 3 अप्रैल 2021 को लिए प्रसंज्ञान के आरंभ हुई कार्यवाही में आरोपी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को झूठा बताया और विवेचक की चार्जशीट को गलत बताया।
अदालत में एडीजीसी विनय शर्मा एवं विशेष लोक अभियोजक श्रीकिशन यादव द्वारा पेश किए गवाह व सबूत व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश एक्सक्लूसिव कोर्ट पॉक्सो एक्ट विकास गुप्ता ने आरोपी को दोषी पाते हुए लैंगिक हमले के मामले में बारह साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई व चालीस हजार रुपये जुर्माना वसूलने का आदेश दिया।
अन्य धाराओं में भी हुआ दंडित
विशेष लोक अभियोजक श्रीकिशन यादव ने बताया कि विकास को अदालत ने धारा 363 आईपीसी में पांच साल के कारावास व दस हजार रुपये जुर्माना व धारा 366 आईपीसी में सात साल के कारावास व बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
पीड़िता को मिलेगी आधी जुर्माना राशि
एडीजीसी विनय शर्मा ने बताया कि दोषी से जुर्माना राशि के वसूल होने पर उसकी आधी धनराशि पीड़िता को दी जाएगी। इसका अदालत ने आदेश किया है।