संवाद न्यूज एजेंसी
खुखुंदू। विदेश भेजने के नाम पर जालसाज युवाओं से खूब ठगी कर रहे हैं। नामी कंपनियों से वीजा दिलाने और अच्छे पैकेजों का सब्जबाग दिखा युवाओं को झांसे में लेकर अपने चंगुल में फंसा रहे हैं। फिर युवाओं से जालसाज आसानी से मोटी रकम ऐंठ ले रहे हैं।
इसके बाद मनमानी करते हुए कुछ को फर्जी वीजा तो कुछ को टूरिस्ट वीजा, जबकि अधिकतर को बिना कुछ दिए ही रुपये लेकर फरार हो जा रहे हैं। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर भी ठगी की जा रही है। इधर, छह-सात माह के भीतर इस तरह के कई मामले सामने आए हैं। इसमें कई मामलों में पुलिस ने केस भी दर्ज किया है।
युवाओं को विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले जालसाज पहले प्रलोभन देकर विश्वास जमाते हैं। फिर रुपये लेकर चंपत हो जाते हैं। ठगी के शिकार हुए दो युवाओं ने जालसाजों के बारे में अपनी पीड़ा व्यक्त की। आजमगढ़ जिला के जीयनपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले महेंद्र यादव ने बताया कि जालसाज ने पहले उनके क्षेत्र में आकर ऑफिस खोला।
इसके बाद सिंगापुर भेजने के लिए पांच-पांच लाख रुपये की मांग की। बताया कंपनी बहुत अच्छी है। 1200 से 1400 डालर वेतन है। भारतीय करेंसी में करीब एक लाख से अधिक रुपये। इसके बाद खाने और रहने की सारी व्यवस्था कंपनी की तरफ से रहेगी।
इतना ही नहीं, कंपनी में काम अधिक होने नी ओवरटाइम भी मिलेगा। उसके झांसे में आकर करीब 14 लोगों ने उसके माध्यम से जालसाज के पास ढाई-ढाई लाख रुपये जमा कर दिए। एक सप्ताह का समय बीतने पर फिर उसने कंप्यूटर से सिंगापुर का फोटो सहित अन्य प्रपोजल लगाकर सभी के व्हाट्सएप पर भेजा कि बाकी रुपये की व्यवस्था कर लीजिए।
आरोप है कि रुपये लेने के बाद फर्जी स्टापिंग किया वीजा देकर सभी को दिल्ली भेज दिया। वहां दो दिन रखने के बाद बोला एक दिन बाद फ्लाइट है। जब सभी लोग एयरपोर्ट पहुंचे तो उसने मोबाइल फोन बंद कर लिया। ऐसे में सभी को निराश होकर घर लौटना पड़ा। जालसाज के खिलाफ जीयनपुर थाने में केस दर्ज कराया गया है।
इसी तरह मईल निवासी सरताज ने बताया कि 60 हजार रुपये सेलरी और सारा खर्च कंपनी देगी, कहकर जालसाज ने एक लाख तीस हजार रुपये की ठगी कर ली। बाकी और तीन चार से एक-एक लाख लेकर फरार हो गया। अब मोबाइल फोन भी बंद कर खुद विदेश भाग गया है।