फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धारदार हथियार से हत्या: प्रॉपर्टी डीलिंग के विवाद में स्टांप वेंडर की हत्या, सिर पर मिले जख्म के निशान

Sun, 15 Dec 2024 03:09 PM IST
रोहित सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया

सार

 परिजनों के अनुसार 11 दिसंबर की शाम को बरियारपुर थाना क्षेत्र के धुसवां चौराहे पर कुछ दोस्तों ने फोन करके मंटू को दावत पर बुलाया। आधी रात को मंटू के बड़े भाई विजय मिश्र के मोबाइल पर फोन आया कि मंटू छत से गिरकर घायल हो गए हैं। उनका महर्षि देवरहवां बाबा मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है।
विज्ञापन
शव सड़क पर रखकर जाम लगाए परिजन व स्थानीय लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देवरिया तहसील में स्टांप वेंडर का कार्य करने वाले एक युवक के सिर पर धारदार हथियार से वार कर घायल कर दिया गया। इसके बाद उसे लेजाकर मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया। इसके बाद परिजनों को छत से गिरकर चोटिल होने की सूचना दी। परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंच गए, जहां हालत नाजुक देख डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

विज्ञापन


वहां भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के क्रम में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। लखनऊ में शव का पोस्टमार्टम कराकर गांव पहुंचे आक्रोशित परिजनों ने ग्रामीणों के साथ धुसवा चौराहे पर शव को सड़क पर रख प्रदर्शन करने लगे।

आक्रोशित परिजन हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। परिजनों का आरोप था कि प्रॉपर्टी के एवज में दिये गए रुपये व जमीन संबंधित कागजात मांगने पर स्टांप वेंडर की हत्या की गई है। मृतक की पत्नी ने एक दोस्त, उसके तीन से चार अज्ञात साथियों व चौकीदार पर हत्या कर घटना को दुर्घटना बताने के लिए मनगढ़ंत कहानी रचने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।
विज्ञापन


जाम हटवाने के दौरान पुलिस से जमकर झड़प हुई। पुलिस मुर्दाबाद व वापस जाओ के भी जमकर नारे लगे। बघौचघाट थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत छितौनी के रहने वाले अजय मिश्रा उर्फ मंटू ( 42) पुत्र स्वर्गीय जगदंबा देवरिया तहसील में स्टांप वेंडर का काम करते थे।

इसके अलावा वह प्रापर्टी डीलिंग का भी कार्य करते थे। परिजनों के अनुसार 11 दिसंबर की शाम को बरियारपुर थाना क्षेत्र के धुसवां चौराहे पर कुछ दोस्तों ने फोन करके मंटू को दावत पर बुलाया। आधी रात को मंटू के बड़े भाई विजय मिश्र के मोबाइल पर फोन आया कि मंटू छत से गिरकर घायल हो गए हैं।

उनका महर्षि देवरहवां बाबा मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है। आनन-फानन में परिजन भागते हुए अस्पताल पहुंचे, जहां से हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने 12 दिसंबर को मंटू को लखनऊ के लिए रेफर कर दिया। मंटू का लखनऊ के अपोलो अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां शनिवार को उनकी मौत हो गई।

रविवार की सुबह परिजन लखनऊ से शव लेकर घर पहुंचे। हत्या का आरोप लगाते हुए परिजन कुछ गांव वालों के साथ धुसवां चौराहे पर पहुंच गए और शव को रास्ते में रखकर चक्का जाम कर दिया। मृतक के भाई विजय ने कहा कि उनके भाई की प्लानिंग के तहत हत्या की गई है।

इधर, पुलिस ने जबरन सड़क जाम कर रहे लोगों को हटवाने का प्रयास हुआ तो भीड़ आक्रोशित हो गई। इस दौरान सीओ दीपक शुक्ला से जमकर तू-तू मैं-मैं हुई। पुलिस वापस जाओ और मुर्दाबाद के जमकर नारे भी लगे। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर से मृतक के परिजनों ने भरण-पोषण और घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

घटना के बाद से मृतक की पत्नी सरिता और बूढ़ी मां का रो-रो कर बुरा हाल है। मृतक के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं जिनमें से एक दिव्यांग है। सीओ सलेमपुर दीपक शुक्ला ने बताया कि संदिग्ध परिस्थिति में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हुई है। घटना से नाराज लोगों ने सड़क जाम किया था। लोगों को समझा कर जाम समाप्त कराया गया है। परिजनों ने हत्या करने की तहरीर दी है। तहरीर के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें