असम से बिहार में सप्लाई देते हुए जिले में डिलेवरी देने पहुंची गांजा के भारी खेप को एसटीएफ लखनऊ की टीम ने रामपुर पुलिस के सहयोग से पकड़ लिया। टीम ने देवरिया के रामपुर कारखाना पुलिस के साथ मंगलवार की देर रात संयुक्त कार्रवाई में गांजा लदे एक कंटेनर को तस्कर के साथ देसही देवरिया ब्लॉक मुख्यालय के पास पकड़ कर जब्त कर लिया।
इसके बाद गांजा तस्कर से जानकारी ली तो उसका सरगना यूपी की सीमा से सटे बिहार प्रांत के गोपालगंज के विजयीपुर थाने के मठिया गांव निवासी निकाला, जिसे एसटीएफ ने रातों रात गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ के हत्थे चढ़े सरगना व तस्कर करीब 11 माह बाद जेल से बाहर आए थे। जेल से बाहर आने के बाद फिर से गांजा की खेप मंगानी शुरू कर दी थी।
लखनऊ एसटीएफ को मुखबिर ने सूचना दी कि असम से गांजा की खेप बिहार के रास्ते देवरिया आ रही है। इस सूचना पर लखनऊ एसटीएफ की टीम मंगलवार की देर रात हेतिमपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंच जांच शुरु कर दी। इसी बीच एक कंटेनर बिहार से जिले की सीमा में प्रवेश किया तो एसटीएफ ने उक्त संदिग्ध कंटेनर का पीछा करना शुरु कर दिया।
चालक को शायद इस बात की भनक लग गई। वह हाइवे छोड़कर अपनी वाहन महुआडीह थानाक्षेत्र के देवरिया मार्ग पर घुमा लिया। इसके बाद वह अवरही तिराहा से रामपुर कारखाना थानाक्षेत्र के देसही की तरफ वाहन को मोड़ लिया और तेजी से भागने लगा।
यह देख एसटीएफ ने रामपुर कारखाना पुलिस से सहयोग लिया और नाकाबंदी कर उसे देसही देवरिया ब्लॉक मुख्यालय के सामने पकड़ लिया। चालक मजहर वाहन छोड़कर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन, पुलिस ने उसे दौड़ा कर पकड़ लिया।
कंटेनर में डेढ़ क्विंटल गांजा लादकर वह बिहार लेकर अपने सरगना अभिमन्यु के ठिकाने पर जा रहा था। उसमें से कुछ माल निकालकर वह बिहार में कई जगह सप्लाई भी दे चुका था। पकड़ा गया चालक मजहर अली, रामपुर कारखाना थानाक्षेत्र के पिपरा मदन गोपाल गांव का रहने वाला है।
पुलिस की पूछताछ में उसने बिहार प्रांत के गोपालगंज जिले के विजयीपुर थाना क्षेत्र के मठिया गांव निवासी सरगना अभिमन्यु सिंह उर्फ मन्नू का भी नाम उगल दिया। एसटीएफ ने पुलिस के सहयोग से रातो रात बिहार के गोपालगंज के विजयीपुर थानाक्षेत्र के मठिया गांव से दबोच लिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को नारकोटिक्स टीम की मदद से इससे पहले भी 1.70 कुंतल गांजा की भारी खेप के साथ दिसंबर 2023 में गिरफ्तार कर जेल भेजी थी। दोनों ग्यारह महीने बाद जेल से बेल पर बाहर आए थे। इसके बाद पुन: गांजा तस्करी का कार्य शुरु कर दिया था।