कुश्ती के खिलाड़ियों को सता रहा है अभ्यास व स्टेट प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन पर असर पड़ने का डर
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में कुश्ती के वार्षिक प्रशिक्षण शिविर पर संकट आने की आशंका बढ़ गई है। विभागीय प्रशिक्षक और क्रीड़ाधिकारी 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। खिलाडि़यों को यह चिंता सता रही है कि उसके बाद वह कैसे अभ्यास कर पाएंगे। ऐसे में सत्र 2024-25 में आयोजित होने वाले सब जूनियर, जूनियर व सीनियर स्टेट प्रतियोगिताओं में जिले को पदक मिलने की संभावना भी कम हो जाएगी।
नए सत्र में स्पोर्ट्स स्टेडियम में आठ खेलों के शिविर आवंटित हुए हैं। इसमें एथलेटिक्स, ताइक्वांडो, हॉकी, क्रिकेट, खो-खो, फुटबाल, वाॅलीबाल, हैंडबाल शामिल हैं। कुश्ती के लिए विभागीय प्रशिक्षक के रूप में पिछले दो सत्र से यहां क्रीड़ाधिकारी राज नारायण प्रसाद खुद ही खिलाड़ियों को खेल की बारीकियां सिखाते हैं। उनकी देखरेख में स्टेडियम में मिट्टी का अखाड़ा और नया कुश्ती हाॅल भी बनकर तैयार हुआ। ऐसे में जिले के खिलाड़ियों को इस खेल में अपनी प्रतिभा भी दिखाने का मौका मिला। पिछले माह ही स्टेडियम में जूनियर बालिका स्टेट कुश्ती एवं ओपेन आमंत्रण स्टेट बालिका कुश्ती प्रतियोगिता की मेजबानी करने का अवसर जिले को मिला।
आमंत्रण स्टेट कुश्ती में जिले की खिलाड़ी नेहा गुप्ता ने 85 किलो भार वर्ग में अयोध्या छात्रावास टीम से प्रतिभाग करते हुए रजत पदक जीता। अच्छे प्रदर्शन की बदौलत उन्होंने नेशनल में भी प्रतिभाग किया और कांस्य पदक जीतने में कामयाब रहीं।
खिलाड़ी बोले- दो साल चला बेहतर प्रशिक्षण, मई से अभ्यास होगा प्रभावित
कुश्ती की खिलाड़ी शिवानी यादव, शशांक गुप्ता, हर्ष, तान्या पांडेय, अंकिता चौबे, ज्योति पांडेय, खुशी गौड़, खुशी चौहान ने बताया कि अप्रैल के बाद विभागीय कुश्ती प्रशिक्षण शिविर बंद होता है तो यह खिलाड़ियों के लिए बड़ा नुकसान होगा। पिछले दो सत्र में स्पोर्ट्स स्टेडियम में कुश्ती प्रशिक्षण शिविर में अभ्यास कर कई खिलाड़ियों ने अपने खेल की बदौलत पहचान बनाई और उन्हें स्टेट व नेशनल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर पदक जीतने का अवसर मिला। उन्होंने खेल निदेशालय से आगे भी कुश्ती का शिविर जारी रखने की मांग उठाई है।
कोट
30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो जाना है। पिछले दो सत्र में कुश्ती में जिले के खिलाड़ियों ने कई स्टेट व नेशनल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर एवं पदक जीतकर यहां का नाम रोशन किया है। मई माह में यहां प्रशिक्षण चलेगा कि नहीं, यह निर्णय खेल निदेशालय को लेना है। यहां कुश्ती का नया हाॅल भी बना है। ऐसे में संसाधन भी यहां मौजूद हैं।
-राज नारायण प्रसाद, क्रीड़ाधिकारी