तीन करोड़ से अधिक की लागत से सलेमपुर से बदला जा रहा मेन तार
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। सलेमपुर से लार उपकेंद्र को जाने वाला तैंतीस हजार का जर्जर तार बदलने का कार्य शुरू हो गया है। इसके लिए पुराने तार को उतारा जा रहा है। नए तार लग जाने के बाद ब्रेक डाउन की समस्या खत्म हो जाएगी। 150 गांवों से अधिक के उपभोक्ताओं को आंधी-पानी के दौरान भी निर्बाध आपूर्ति मिलती रहेगी। वहीं, निगम के कर्मचारियों को भी खराबी ठीक करने की समस्या से निजात मिलेगी।
सलेमपुर से लार उपकेंद्र को जाने वाला तैंतीस हजार का मेन तार जर्जर हो चुका है। लोड बढ़ने व हवा चलने पर टूट जाता है। एक बार टूटने पर पांच से छह घंटे तक उपकेंद्र से जुड़े करीब 150 से अधिक गांवों की आपूर्ति ठप हो जाती है। वहीं, शाम के समय तार टूटने पर सुबह ही बन पाता है। निगम के कर्मचारी भी इसको लेकर परेशान होते रहते हैं। इसे बदलने के लिए कई बार उपभोक्ताओं ने मांग की।
इसे संज्ञान में लेते हुए बिजली निगम के अधिकारियों ने सर्वे कर इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी। इसके बाद तकरीबन तीन करोड़ से अधिक की लागत से मुख्य तार रीवैंप्ड योजना के तहत बदला जा रहा है। इसके लिए शुक्रवार से तार बदलने का कार्य शुरू हो गया है।
इसके बाद लार उपकेंद्र से जुड़े लार बाजार, रामनगर, मटियारा जगदीश, दोगारी, परासी, रतनपुरा, गौरा पांडेय, रोपन छपरा, गौरी अमेठिया, बरडीहा परशुराम, बरडीहा दलपत सहित खेमादेई उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति मिलने लगेगी।
एसडीओ मनीष यादव ने बताया कि तार जर्जर हो चुका था। इससे आएदिन ब्रेकडाउन की समस्या होती थी। इसे बदलवाया जा रहा है। बदल जाने के बाद निर्बाध आपूर्ति मिलती रहेगी।