बरहज। पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस सिलिंडरों की कालाबाजार रोकने को हो रही छापेमारी के कारण दुकानदारों में हड़कंप है।
कार्रवाई से बचने के लिए दुकानदार मिट्टी वाला चूल्हा बनाने में जुटे हुए हैं। सिलिंडरों की किल्लत से दुकानदार पुराने ढर्रे पर आते हुए पारंपरिक चूल्हे का प्रयोग करने लगे हैं। गैस की किल्लत के कारण चारों ओर हाहाकार मचा हुआ है। कार्यालयों पर लोग ई-केवाईसी, तो कहीं बुकिंग के लिए परेशान हो रहे हैं। अधिकांश कार्यालयों पर लोग रसोई गैस सिलिंडर के लिए सुबह से ही लाइन लगा रहे हैं।
जबकि रसोई गैस की कालाबाजारी को लेकर अधिकारी भी जगह-जगह छापेमारी कर रहे हैं। जिससे स्टॉक करने वालों में खलबली है। वहीं बाजारों में छापेमारी और कार्रवाई के डर से दुकानदार गैस सिलिंडर की जगह पुराने ढर्रे पर आते हुए पारंपरिक मिट्टी का चूल्हा का प्रयोग करने लगे हैं। इससे लकड़ी और कोयले की खपत बढ़ गई है। दुकानदारों के अनुसार गैस सिलिंडर से मिली आसानी के बाद चूल्हा जलाने में तकलीफ हो रही है। एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी ने बताया कि दुकानों पर कामर्शियल गैस सिलिंडर प्रयोग करने का प्राविधान है।