टेंडर निकला लखनऊ में, काम देवरिया में
डीएम ने दिया जांच का आदेश, स्वास्थ्य विभाग में मची खलबली
चहेते ठेकेदार को टेंडर देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने किया खेल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। स्वास्थ्य विभाग अपने कारनामों को लेकर अक्सर चर्चा में रहता है। देवरिया के सरकारी अस्पतालों में उपकरण खरीदारी का टेंडर लखनऊ के एक समाचार पत्र में प्रकाशित कराए जाने का मामला प्रकाश में आया है। मामला उजागर होने पर स्वास्थ्य विभाग सूचना विभाग की गलती बताकर अपना पल्ला झाड़ रहा है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अभी टेंडर की कार्रवाई पूरी नहीं हुई है और समय इसके लिए बढ़ा दिया गया है। इसकी जानकारी होने पर डीएम ने भी प्रभारी सीएमओ को जांच का आदेश दिया है।
मार्च नजदीक आते ही सरकारी विभागों में बजट खपाने की होड़ मच जाती है। स्वास्थ्य विभाग भी इसी रेस में शामिल है। जिले के सीएमचसी, पीएचसी के प्रसव कक्ष को बेहतर बनाने और उपकरण, चादर, कंबल और तौलियों की खरीदारी के लिए 11 फरवरी को टेंडर जारी किया गया। लोकल और एक सर्वाधिक प्रसार वाले समाचार पत्र में प्रकाशित कराने के बजाए इसे लखनऊ के एक समाचार पत्र में प्रकाशित कराया गया। सूत्रों की मानें तो दूसरा टेंडर कानपुर के एक अखबार में निकाला गया है। हालांकि, इसकी पुष्टि अभी कोई अफसर नहीं कर रहा है। लेकिन जांच के दायरे में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार आ गए हैं।
इनसेट
मऊ के ठेकेदार को काम देना चाहता विभाग
देवरिया। विभागीय सूत्रों की मानें तो स्वास्थ्य विभाग ने मऊ के एक प्रभावशाली ठेकेदार को काम देने के लिए ऐसा खेल किया है। इस ठेकेदार की सपा सरकार में तूती बोलती थी और अधिकांश काम इसी को मिलता था। इसकी जानकारी जब डीएम अमित किशोर को हुई तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी सीएमओ पर नाराजगी जाहिर करते हुए जांच के निर्देश दिए। इसको लेकर सीएमओ कार्यालय में खलबली मची है।
कोट:
मुझे इसकी जानकारी नहीं है। सूचना विभाग को टेंडर प्रकाशित कराने के लिए दिया गया था। पता नहीं वह कहां के समाचार पत्र में प्रकाशित कराए है। ऐसा कैसे हुआ। इसकी जांच की जा रही है।
-डीबी शाही, प्रभारी सीएमओ।