मिट्टी के चूल्हे बनाने में जुटी महिलाएं
देसही देवरिया। रसोई गैस की किल्लत ने गांवों में भोजन बनाने की परंपरागत व्यवस्था को पुन: अपनाने पर विवश कर दिया है। महिलाओं ने घरों में मिट्टी का चूल्हा बनाना शुरू कर दिया है।
गैस उपभोक्ता घरेलू गैस की किल्लत से परेशान हैं। रात-दिन सिलिंडर लेकर कतार में खड़े रहने के बावजूद सभी को सिलिंडर नहीं मिल पा रहा। जिला प्रशासन के आदेश के बावजूद क्षेत्र के ज्यादातर गांवों में होम डिलीवरी अभी नहीं हो पा रही। अब महिलाओं ने इस समस्या से निजात के लिए घरों में मिट्टी का चूल्हा बनाना शुरू कर दिया है। इसमें लकड़ी जला भोजन बनेगा। हालांकि भोजन बनाने का यह पारंपरिक संसाधन है। इधर बदलते परिवेश में हर घर गैस कनेक्शन की वजह से घरों से चूल्हे समाप्त हो गए थे।
मंगलवार को बरपार गांव की विंध्यवासिनी देवी ने परिजनों को गैस सिलिंडर के लिए परेशान होते देख खेत से पीली मिट्टी मंगाकर चूल्हा बना रही हैं। इनका कहना है कि परेशान होने से बेहतर है कि चूल्हा बनाकर भोजन बनाया जाए।