थाने पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की
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बैंक की ओर से कर्ज का नोटिस मिलने से नाराज खजुरी गांव की महिलाओं ने थाने पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। आरोप था कि पशुपालन के नाम पर बिचौलियों की मिली भगत से बैंक कर्मचारियों ने उनके साथ धोखाधड़ी कर लाखों रुपये एठ लिया। मामला तीन वर्ष पुराना है। पूछताछ के दौरान हमेशा मामले को रफा-दफा कराने का आश्वासन देते रहे। एसओ ने उग्र भीड़ को समझा कर मामले को शांत कराया।
खुखुंदू, खजुरी की रहने वाली राजकुमारी देवी, फेकनी देवी, निर्मला देवी, लीलावती देवी, आरती देवी, बिंदू देवी, सुभावती देवी और कुसमावती सहित 25 महिलाओं ने पंजाब नेशनल बैंक की नूनखार शाखा से 2013 में कर्ज लिया। बैंक ने कर्ज पशुपालन की मद में दिया था। आरोप है कि बैंक के बिचौलियों ने सभी लोगों को पूरी रकम नहीं दिलवाई। कागज में एक लाख और पचास हजार रुपये कर्ज चढ़वा दिया लेकिन हाथ में 42 और 17 हजार रुपये ही मिले। चार दिन पहले बैंक की ओर से देनदारों को नोटिस दी गई। नोटिस मिलते ही महिलाओं के होश उड़ गए। उन्होंने ठगी की बात कहकर मामले की जानकारी महिला नेता मन्नू तिवारी को दी। आरोप है कि बिचौलियों की मदद से कुछ बैंक कर्मचारियों ने उनके खाते से बाकी रुपये निकला लिए। अनपढ़ होने और बैंक कम आने-जाने की वजह से मामले की जानकारी नहीं हो पाई। बैंक की तरफ से भी गुमराह किया गया। अचानक बाकी रकम की वसूली थमा दी गई। गुरुवार को मन्नू तिवारी के नेतृत्व में महिलाएं बैंक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए थाने पहुंचीं और प्रदर्शन करने लगीं। थानेदार नीतिश श्रीवास्तव ने महिलाओं को समझाया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। थानेदार के आश्वासन पर महिलाएं मान गईं। शाखा प्रबंधक पंकज कुमार ने कहा कि नोटिस दिए जाने की सूचना उनके पास नहीं है। कोई शिकायत नहीं आई हैं, अगर शिकायत मिलती है तो जांच की जाएगी।