फतेहपुर के लेहड़ा टोले पर शुक्रवार को घरों से पूजा करने को निकली व्रती महिलाएंफोटो- संवाद
रुद्रपुर (देवरिया)। फतेहपुर गांव में सामूहिक हत्याकांड के पांचवें दिन भी सन्नाटा पसरा रहा। शुक्रवार को जीवित्पुत्रिका व्रत था, ऐसे में शाम के समय कुछ महिलाएं निकलीं, लेकिन वे भी डरी-सहमी नजर आईं। घटना से गांव में त्योहार फीका रहा। पूजा-पाठ में जुटीं महिलाएं भी आपस में घटना के बारे में ही बातचीत करती रहीं। हर कोई होनी को कोस रहा था।
दो अक्टूबर की घटना के बाद से ही गांव में पुलिस का कड़ा पहरा है। वहीं अधिकांश घरों के पुरुष गांव छोड़कर फरार हैं। घरों में महिलाएं और बच्चे रह रहे हैं। सुबह, शाम टहलने को निकलने वाली महिलाएं पांच दिन से घरों में दुबकी हुई थीं। शुक्रवार को निर्जला व्रत रहने के बाद शाम को बरियार का पौधा पूजने के लिए महिलाएं झुंड बनाकर घरों से बाहर निकलीं। गांव के बाहर पूजा करने पहुंची महिलाओं से लोगों ने बात करने का प्रयास किया, तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। पूजा कर लौट रही महिलाएं घटना को लेकर गांव के माहौल पर बात कर रही थीं। उन्होंने पूजा कर गांव में दोबारा अमन-चैन कायम करने की प्रार्थना की।
महिलाओं ने कहा कि गांव के सुख-चैन को किसी की नजर लग गई। पांच दिन से लोग भय के माहौल में जीवनयापन कर रहे हैं। हत्याकांड के बाद बच्चों के चेहरे पर दहशत झलक रही है। भगवान ने चाहा, तो जल्द ही गांव में दिनचर्या पटरी पर लौटेगी।