देवरिया । रेलवे मालगोदाम के प्रदूषण के खिलाफ कानून पीड़ित न्याय मंच ने शिकायत की थी। इस पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, (एनजीटी) नई दिल्ली के आदेश से देवरिया सदर माल गोदाम से होने वाले प्रदूषण की जांच संयुक्त टीम ने की। वहीं, प्रदूषण की जांच के लिए रेस्पायरेबल डस्ट सैंपलर मशीन लगाई गई है।
शहर में रेलवे मालगोदाम से होने वाले रासायनिक प्रदूषण के खिलाफ कानून पीड़ित न्याय मंच के सचिव एडवोकेट अविनाश कुमार सिंह ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के समक्ष याचिका प्रस्तुत की थी। जिस को संज्ञान में लेकर कमेटी गठित किया और स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। शुक्रवार को सहायक प्रबंधक वाणिज्य रेलवे, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अनिल कुमार शर्मा, एडीएम प्रशासन गौरव श्रीवास्तव एवं शिकायतकर्ता की उपस्थिति में दो सेट रेस्पायरेबल डस्ट सैंपलर मशीन रेलवे स्टेशन परिसर तथा रामगुलामटोला, निकट कसया ढाला पर लगाई गई। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से मालगोदाम के शिफ्टिंग के बारे में आदेश पारित किया जाएगा।
मंच ने चलाया था हस्ताक्षर अभियान
कानून पीड़ित न्याय मंच द्वारा हस्ताक्षर अभियान चलाया गया था। हजारों लोगों ने हस्ताक्षर किया था। याचिका ट्रिब्यूनल के सामने प्रस्तुत किया गया था कि देवरिया सदर रेलवे मालगोदाम शहर के बीचो बीच स्थित है, जिससे शहर के नागरिक गंभीर प्रदूषण में जीवन जीने को मजबूर है, शहर के बीचो बीच मेडिकल कालेज, प्राथमिक विद्यालय एवं इंटरमीडिएट कालेज तथा घनी बस्ती है, जिससे मरीजों की हाईजीन प्रभावित है, साथ ही मासूम बच्चे, वृद्ध नागरिकों के स्वास्थ्य प्रभावित है, सैकड़ो ट्र्को के नगर में प्रवेश की वजह से हजारों लीटर डीजल से जहरीली गैस उत्सर्जन से भी लोगो के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है ।