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Deoria News: जनसंख्या में महिलाएं सबला, पर मतदाता में अबला

Mon, 03 Apr 2023 12:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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वोटर में करीब दो लाख पीछे, जनसंख्या में 30 हजार आगे
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले में पुरुषों से करीब तीस हजार अधिक महिलाओं की संख्या है, पर वोटर के रूप में करीब दो लाख कम हैं। मतदाता जागरूकता अभियान के बाद भी महिला वोटरों की संख्या नहीं बढ़ रही है। निकाय मतदाता सूची में यह संख्या 33 हजार है, जो पुरुषों से कम है। शायद यही कारण हो सकता है कि जनपद की राजनीति में उनकी संख्या अधिक होने के बाद भी दखल कम है।
जिले में 12,28,300 पुरुष मतदाताओं की अपेक्षा महिला वोटरों की संख्या 10,44,198 है, जबकि 2021 की अनुमानित जनसंख्या के हिसाब से जिले में 17,81,273 पुरुष और 18,11,483 महिलाओं की आबादी है। इसके बाद भी मतदाता सूची में पुरुष और महिला वोटरों की संख्या का गणित ठीक नहीं है। इससे तस्वीर साफ है कि करीब 30 हजार संख्या महिलाओं की अधिक है। जबकि लिंगानुपात (जेंडर रेशियो) में 1000 पुरुष पर 1017 महिलाएं हैं। जबकि जिले की मतदाता सूची में पुरुष मतदाताओं की संख्या महिलाओं से दो लाख अधिक है।
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निकाय चुनाव में 33 हजार कम हैं महिला वोटर
देवरिया। निकाय चुनाव में महिला वोटरों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि जनपद में 4.93 लाख वोटरों में महिला मतदाताओं की संख्या 2.30 लाख से अधिक है। इससे साफ जाहिर है कि महज 33 हजार वोटर कम हैं।

विधानसभा वार मतदाता
रामपुर कारखाना में 1,86,453 पुरुष और 1,56,504 महिला, भाटपाररानी में 1,77,214 पुरुष और 1,45,315 महिला, सलेमपुर में 1,76,405 पुरुष और 1,50,968 महिला एवं बरहज विधानसभा क्षेत्र में 1,64,296 पुरुष और 1,37,144 रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में 1,74,478 पुरुष और 1,44,557 महिला मतदाता, देवरिया सदर विधानसभा क्षेत्र में 1,83,739 पुरुष और 1,55,848 महिला, पथरदेवा विधानसभा क्षेत्र में 1,75,715 पुरुष और 1,49,862 महिला मतदाता शामिल हैं।

कोट
महिलाएं घर के काम में ज्यादा व्यस्त रहती हैं। जागरूकता का अभाव है। शिक्षा का स्तर कम होने के कारण वह मतदाता बनने के प्रति सजग नहीं हैं। इस कारण वह वोटर बनने में पीछे रह जाती हैं। जबकि चाहिए कि वह खुद बूथ पर जाएं और फार्म भरकर वोटर बनें।
अनुपमा राय असिस्टेंट प्रोफेसर, दीनानाथ पांडेय राजकीय महिला पीजी

हमारा समाज पुरुष प्रधान रहा है। शुरू से ही परंपरावादी दृष्टिकोण यही है कि महिलाओं को परिवार व बच्चों तक ही सीमित किया जाए। बाहर की दुनिया में क्या चल रहा है, उन्हें इसकी जानकारी कम ही होती है। हर घर में सीमित दायरे में ही रखना महत्वपूर्ण कारण है। जबकि जागरूकता के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। हालांकि पहले से स्थिति में सुधार हुआ है।
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दिव्या यादव, लेफ्टिनेंट

निर्वाचन आयोग मतदाता बनाने के लिए अभियान चलाता है। इसके लिए विभिन्न माध्यमों से महिला और पुरुष दोनों को जागरूक किया जाता है। मतदाता बनने की प्रक्रिया समय-समय पर शुरू की जाती है। जागरूक कर संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
गौरव श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन
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