कपरवार घाट से मेहरौना बाॅर्डर तक सड़क का होगा चौड़ीकरण, किसानों के मुआवजा की पहली किस्त 50 करोड़ जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कपरवार घाट से मेहरौना बार्डर तक रामजानकी मार्ग (एनएच) 227 ए के चौड़ीकरण का रास्ता साफ हो गया है। 75 हेक्टेयर भूमि देने वाले किसानों के मुआवजा की पहली किस्त 50 करोड़ रुपये जारी कर दी गई है। इस मार्ग के बन जाने से बिहार जाने वाले लोगों की राह आसान हो जाएगी। वहीं रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। साथ ही सलेमपुर और बरहज तहसील के करीब 45 गांव एनएच मार्ग से जुड़ जाएंगे।
भारत माला शृंखला योजना के तहत बड़हलगंज से मेहरौना तक 61 किलोमीटर तक रामजानकी मार्ग है। जनपद में इसकी लंबाई कपरवार घाट से मेहरौना तक 40 किलोमीटर है। इसमें कपरवार घाट के पास तक दस मीटर यह मार्ग चौड़ा था, लेकिन जनपद की सीमा में सात मीटर है। अब इसे दस मीटर चौड़ा किया जाएगा, जिससे यह सड़क फोरलेन हो जाएगी। इस सड़क के चौड़ीकरण के लिए बरहज के 23 और सलेमपुर के 22 गांवों के करीब 170 किसानों की 75 हेक्टेयर भूमि निकल रही है। फरवरी माह में रामजानकी मार्ग के लिए भूमि को अधिग्रहित किया गया था। इस पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने किसानों की भूमि का मुआवजा तय किया तो दो सौ करोड़ रुपये की धनराशि देने की बात बताई गई। इसमें से 29 मार्च को पहली किस्त के रूप में धन जारी की गई है।
कोट:
रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण के काम में अब तेजी आएगी। इसके लिए मुआवजे की पहली किस्त दे दी गई है। बाकी धनराशि भी बहुत जल्द किसानों को दे दी जाएगी। इसके बाद कार्य शुरू होगा।
मनीष मिश्रा, परियोजना प्रबंधक एनएचआई
सड़क के चौड़ीकरण होने से गांव एनएच मार्ग से जुड़ेगा और विकास होगा। किसानों को वाजिब मुआवजा भी मिल रहा है। इसके किनारे की भूमि का दाम भी अब बढ़ जाएगा।
ज्ञानेश्वर सिंह, कुवाइच टोला
सड़क के चौड़ीकरण से बिहार और अन्य जगहों से आने वाहनों की संख्या बढ़ेगी। आवागमन सुलभ होने से विकास होगा। गांव के लोगों को भी रोजगार मिलेगा। सड़क के पास भूमि होने से कई फायदे हैं।
अखिलेश सिंह, कपरवार