देवरिया। जिले में कोहरे, धुंध और शीतलहर के कारण शुक्रवार को लोगों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा। पूरे दिन धूप न निकलने की वजह से गलन से लोग परेशान रहे।
मौसम विभाग ने जिले में अत्यधिक घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री रहा। शुक्रवार को तापमान दो डिग्री गिरने से ठंड और बढ़ गई। सार्वजनिक स्थलों पर लोग कांपते नजर आए। दिनभर हल्की पछुआ ठंडी हवाएं चलती रहीं। जिले में सुबह के समय कोहरा छाया रहा। इससे स्कूल जाने वाले बच्चों को दिक्कत हुई।
धुंध के कारण 50 से 60 मीटर दूरी तक भी स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा था। सड़कों पर हेडलाइट जलाकर वाहन रेंगते रहे। गर्म कपड़े पहनने के बाद भी सर्द हवाएं लोगों की कंपकंपी छुड़ाती रही। दिन में कोहरे के चलते पूरे दिन धूप नहीं निकली। फिर शाम होते ही कोहरे व गलन ने लोगों को परेशान किया। शहर की सड़कों पर रात आठ बजे के बाद सन्नाटा पसर गया।
विद्यार्थियों की उपस्थिति में आई कमी : ठंड का असर स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति पर भी दिख रहा है।
दो दिन से ठंड बढ़ने के कारण कक्षा आठ तक के स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति में गिरावट आई है। ज्यादातर स्कूलों में कुल विद्यार्थियों की तुलना में 60 से 65 फीसदी छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही। बहुत से अभिभावक ठंड से बचाव के कारण अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं।
अनावश्यक घरों से बाहर न निकलें : मौसम विभाग ने जिले में अत्यधिक घना कोहरा और ठंड के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इसमें लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। साथ ही अनावश्यक रूप से से बाहर न निकलने की सलाह दी है। बुजुर्ग व बच्चों को हल्का ऊनी घरों कपड़े पहनने की एडवाइजरी जारी की है।
सुबह टहलने के लिए बाहर न निकलें : सलेमपुर। क्षेत्र में बढ़ते ठंड को देखते हुए चिकित्सकों ने बचाव के तमाम उपाय बता रहे हैं। चिकित्सक अतुल कुमार ने बताया कि अत्यधिक ठंड में घर के अंदर ही रहने की कोशिश करें। सुबह के समय टहलने से बचें।
कई परत वाले ऊनी और गर्म कपड़े पहनकर शरीर को गर्म रखें। सिर, कान, हाथ और पैर को ढकने के लिए टोपी, मफलर, दस्ताने और मोजे का प्रयोग करें। शरीर की ऊर्जा और गर्मी बनाए रखने के लिए गर्म सूप, चाय, कॉफी और पौष्टिक भोजन का सेवन करें।
शरीर का तापमान असामान्य रूप से कम होना, सर्दी, खांसी या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। किसान ठंड के मौसम में सुबह व शाम खेतों की सिंचाई करने से बचें।