खादी को भारत के प्रत्येक घरों तक पहुंचाने का महात्मा गांधी का सपना उत्तर प्रदेश का खादी और ग्रामोद्योग मंत्रालय पूरा करने में लगा है। मंत्रालय की ओर से खादी वस्त्रों के मार्केटिंग की पूरी तैयारी चल रही है। योजना के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार खादी को बढ़ावा देने के लिए भारी अनुदान देगा। खादी वस्त्रों को आम आदमी की पसंद बनाने के लिए इसके रंग रोगन, डिजाइन रंगाई और छपाई में बदलाव किया जाएगा । इसके अलावा बाजार को आकर्षित करने के लिए नए शो रूम बनाने की योजना है।
इसके लिए खादी और ग्रामोद्योग मंत्रालय की ओर से कुशीनगर में 150 लाख रुपये की लागत से रिसर्च सेंटर खोला जा रहा है। खादी और ग्रामोद्योग मंत्रालय के कैबनेट मंत्री ब्रह्मशंकर त्रिपाठी ने रुद्रपुर में कहा कि यूपी सरकार गांधी के स्वदेशी मिशन को तेजी से आगे बढ़ा रही है। खादी वस्त्रों के उद्योग को पिछली सरकारों में दीमक लग गया था। इसकी उपयोगिता के मद्देनजर सरकार व्यापक प्रचार प्रसार में लगी है।
उन्होंने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में खादी के विकास के लिए काम हो रहा है। खादी के प्रचार प्रसार को फैशन शो का आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार खादी वस्त्र उद्योग को श्रम और रोजगार से जोड़कर काम कर रही है। इसके लिए खादी को विभिन्न आयु वर्ग के लोगों की पसंद के हिसाब से डिजाइन किया जाएगा। खादी वस्त्रों की रंगाई और छपाई में परिवर्तन कर उसे आम आदमी की पहली पसंद बनाने की योजना है। इसके लिए कुशीनगर में रिसर्च सेंटर खोला जा रहा है। विशेषकर पूर्वाचल में खादी के उत्थान को गांधी आश्रमों का कायाकल्प किया जाएगा। गांधी आश्रमों को माडर्न बनाने को सरकार अनुदान देगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गरीब और पिछड़े इलाकों में नि:शुल्क् चरखा वितरित करेगी। सूत कातने वालों को प्रशिक्षित किया जाएगा। मंत्रालय की ओर से पूर्वांचल में कपास की खेती पर अनुदान दिया जाएगा।