अनुसूचित वस्तु विक्रेता संघ के बैनर तले बुधवार को क्षेत्र के कोटेदार सड़क पर उतर गए। उन्होंने प्रदेश सरकार और आपूर्ति विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कोटेदार ने तीस साल से गांवों में बांटे जाने वाले राशन की ढुलाई देने को लेकर आवाज बुलंद की। उन्होंने पंचायत चुनाव की राजनीति को लेकर संस्पेंड की गई दुकानों को बहाल करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम को पत्रक सौंपा। संघ के जिलाध्यक्ष विश्वजीत मणि के नेतृत्व में कोटेदार आदर्श चौराहे से प्रदर्शन शुरू हुआ। सड़कों पर नारेबाजी करते कोटेदार तहसील के मुख्य गेट पर जाकर बैठ गए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार तीस साल से उन्हें अनाज की ढुलाई का मूल्य नहीं दे रही है।
पंचायत चुनाव की राजनीति को लेकर कई गांवों में कोटेदार पर फर्जी आरोप लगाए जा रहे हैं जिसमें कोटेदार का जमकर शोषण हो रहा है।
सचौली पटवनिया और भृगुसरी के कोटेदार की दुकान बेवजह निलंबित की गई है। जिसे आपूर्ति विभाग तत्काल बहाल करे।
उन्होंने कहा कि राशन कॉर्डों की फीडिंग कराने में दुकानदारों का शोषण किया जा रहा है। आपूर्ति विभाग के दफ्तर में लूट -खसोट मची है।
बिना दुकानदारों से रुपये लिए उनके कागजों की फीडिंग नहीं हो रही है। गांव में खाद्य सुरक्षा कानून में लक्ष्य मुताबिक कार्ड बनाने में जनगणना को लेकर दिक्कत आ रही है।
इसको प्रशासन दूर करने में कोटेदार का सहयोग करे। कोटेदारों की शिकायत पर एसडीएम राकेश सिंह ने तत्काल आपूर्ति कार्यालय का औचक निरीक्षण कर हाल जाना।
प्रदर्शन करने वालों में कोटेदार संघ के तहसील अध्यक्ष रमापति शुक्ला, महामंत्री रामकुमार सिंह, अरविंद कुमार सिंह, अशोक पोद्धार, मुरारी प्रसाद, मोहनलाल, सत्तार अहमद आदि मौजूद रहे।