देसही देवरिया। डुमरी एखलाश गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में मंगलवार को कथावाचक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराया। उन्होंने कहा कि संसार में धर्म की जब-जब हानि होती है, ईश्वर अवतार लेकर मानवता का कल्याण करते हैं।
श्रीमद्भागवत कथा को आगे बढ़ाते हुए कथाव्यास डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने कहा कि पृथ्वी पर मनुष्य जब भी अपने मूल कर्तव्य के पथ से भटकता है, अधर्म बढ़ता है। धर्म की हानि व ह्रास होने पर ईश्वर पृथ्वी पर किसी न किसी रूप में अवतार लेते हैं और अधर्मियों का सर्वनाश कर मानवता का उद्धार करते हैं। द्वापर युग के अंत में जब आसुरी शक्तियों का चारों तरफ बोलबाला हो गया, तब धरती माता से यह सहा नहीं गया। सभी देवगण ब्रह्मा के पास गए। इसके बाद सभी भगवान विष्णु को याद करने लगे। इसी समय दिव्य आकाशवाणी हुई कि एक दिन मथुरा में देवकी के गर्भ से जन्म लूंगा। राक्षसों का वध कर कष्टों का निवारण करुंगा। यह सुनकर सारे देवता भगवान की स्तुति करने लगे।