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Deoria News: पारा गिरा तो बढ़ी ठंड, छाए रहे बादल

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- विशेषज्ञ बता रहे पश्चिमी विक्षोभ के चलते बदला मौसम, बारिश की नहीं है संभावना
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले में सोमवार को पूरे दिन मौसम में बदली और धुंध छाई रही। तापमान में भी गिरावट आने से ठंड अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा रही। जानकार इस बदलाव का कारण पश्चिमी विक्षोभ को बता रहे हैं। हालांकि वह बारिश की संभावना को नकार रहे हैं।
जनपद में 25 नवंबर को अधिकतम तापमान 28 व न्यूनतम 14, 26 नवंबर व 27 नवंबर को अधिकतम 29 व न्यूनतम 17 दर्ज किया गया। जबकि 28 नवंबर को अधिकतम 28 व न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सोमवार को पूरे दिन छाई धुंध व बदलीनुमा मौसम से लोगों को अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक ठंड महसूस हुई। आलम यह रहा कि जो लोग अब तक पंखा चलाकर सो रहे थे, वह भी अब इससे बचने लगे हैं। उधर राघवनगर, रामलीला मैदान रोड सहित अन्य बाजारों में ऊनी कपड़ों की दुकानें भी सज गई हैं। महिलाएं खुद के साथ ही बच्चों के ऊनी कपड़े खरीदने में जुटी हैं।
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संत विनोबा पीजी कॉलेज के भूगोल विभाग के अध्यक्ष प्रो.अरविंद कुमार ने बताया कि सोमवार को बदला मौसम का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ रहा। इससे पूरा पश्चिमी क्षेत्र प्रभावित हुआ। हालांकि इसके चलते यहां बारिश की संभावना न के बराबर है। महाराष्ट्र और मध्यम प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में बारिश के आसार हैं। पूर्वांचल सबसे किनारे होने के चलते पश्चिमी विक्षोभ का असर यहां कम पड़ जाता है। एक दो दिन में मौसम साफ हो जाएगा। वहीं बीआरडी के भूगोल विभाग के डॉॅ. उदयभान ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से तापमान में गिरावट देखी जा रही है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू, उत्तराखंड व अन्य उत्तर पश्चिमी भारत में हिमपात होने से उसका असर यहां पड़ा है।
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हवा हुई ठंडी, बढ़ रहे खांसी व निमाेनिया के केस

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि बच्चों को आउटडोर प्रदूषण से ज्यादा इस समय इंडोर प्रदूषण यानि कमरे में स्वच्छ वातावरण न होना ज्यादा परेशान कर रहा है। वेंटिलेंशन की कमी के चलते स्वच्छ हवा कमरों में नहीं आ रही हैं। ऐसे में कमरों के अंदर जाने वाली हवा का स्तर खराब हो रहा है। इधर, तापमान में गिरावट होने से सांस की नली में संकुचन होने से बच्चों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। इससे इस समय खांसी, निमाेनिया और ब्रोंकाइटिस जैसे केस ज्यादा आ रहे हैं।
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