तरकुलवा। मां ने मेले में जाने से रोका, कार की चाबी भी छिपाकर रख दी लेकिन बेटे की जिद के आगे बेबस हो गई। नितेश मां के हाथों से जबरन चाबी छीनकर दोस्तों के साथ कसया मेले के लिए निकल गया। उसे क्या पता था कि यह सफर उसकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। मेले से लौटते समय सोमवार रात देवरिया-कसया मार्ग पर सिसवा के पास उसकी कार सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। हादसे में नितेश समेत चार युवकों की मौत हो गई।
तरकुलवा थाना क्षेत्र के मठिया रत्ती गांव निवासी नितेश सोमवार शाम कार लेकर मेले में जाने की तैयारी कर रहा था। घर के लोग उसे जाने से मना कर रहे थे। मां ने भी उसे रोकने की कोशिश की और कार की चाबी छिपाकर रख दी। लेकिन नितेश नहीं माना। उसने मां के हाथों से जबरन चाबी छीन ली और मेले के लिए निकल गया। मां बेटे को जाते हुए देखती रह गई।
रात करीब 11:45 बजे कसया से लौटते समय सिसवा के पास कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। हादसे में नितेश समेत चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। जिस बेटे को मां ने अनहोनी की आशंका में रोकने की कोशिश की थी, उसकी मौत की खबर ने परिवार को तोड़कर रख दिया।
हादसे के बाद नितेश की मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वह बार-बार यही कहकर बिलख रही थी कि अगर उसका बेटा जिद करके घर से नहीं निकला होता तो आज उसकी आंखों का तारा उसके सामने होता। मां की चीत्कार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।