बारिश के बाद किसानों की बढ़ी चिंता, कैसे होगी बेटियों की शादी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बघौचघाट। किसानों की चिंता कम होने का नाम नहीं ले रही है। बहुत से किसानों ने बेटी की शादी इसी फसल के दम पर तय किए थे, उनके माथे पर सबसे अधिक चिंता है। रामनगर की पार्वती ने बेटी की शादी तय की है। वह फसल देखकर चकरा गई हैं। पिछले सप्ताह हुई बारिश व तेज हवा से जमीन पर गिरे गेहूं की बालियां काली होने लगी हैं, उसमें दाने भी कमजोर हो गए हैं। पौधों में जान नहीं बची है कि दाने मोटे हों। किसान परेशान हैं, इस बार गेहूं से उनकी कमाई नहीं हो पाएगी।
पिछले हफ्ते तेज हवा के साथ बारिश से तैयार गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई है। अब पौधों में ताकत नहीं बची है और जमीन व धूप से भोजन नहीं बना पा रहे कि दाने अच्छे हों। फसल जमीन पर गिरने के बाद बालियां काली होने लगी हैं और पौधे सड़ रहे हैं। किसान खेत में दाने देखकर चिंता में पड़ गए हैं। बहुत से किसानों पर कर्ज है। बेटी की शादी करनी है, जो बेटी की शादी को लेकर परेशान हैं। दवा के लिए पैसे उधार लिए हैं, ताकि फसल बेचकर कर्ज चुकता करेंगे, लेकिन आसमान से गिरे पानी ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया है।
इस बार गेहूं की फसल बहुत अच्छी थी, लगता था कि पैदवार भी अच्छी होगी, लेकिन बारिश ने सब कुछ बिगाड़ दिया है। गेहूं के दाने कमजोर हो गए हैं और बाली काली पड़ गई है।
सरवन प्रसाद, किसान, रामनगर
गेहूं के गिरने से अधिक क्षति हुई है। इस वर्ष पैदावार प्रभावित हो गई है। मैं अपनी बेटी की शादी इसी फसल के दम पर करने जा रही थी, मई में शादी है। जब फसल नहीं होगी तो कैसे शादी करुंगी।
पार्वती देवी, किसान, रामनगर
पिछले हफ्ते हुई बारिश ने गेहूं की फसल को ज्यादा प्रभावित किया है। आम की बौर को भी नुकसान हुआ है। गेहूं के दाने कमजोर पड़ गए हैं, जिससे पैदावार कम होने की आशंका है। किसान अपने आम व लीची के पेड़ों पर कीटनाशक का छिड़काव जरूर करें, ताकि बचे बौर कीड़ों से प्रभावित न होने पाएं।
रजनीश श्रीवास्तव, प्रभारी मल्हनी कृषि विज्ञान केंद्र