- अधिकतम तापमान 43 व न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहा
- 25 से 35 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली
- मेडिकल कॉलेज में 100 मरीज पहुंचे, पीआईसीयू व चिल्ड्रेन वार्ड में 40 बच्चों का इलाज चल रहा
- मौसम तल्ख होने व खानपान में लापरवाही से बुखार, उल्टी-दस्त से लोग पीड़ित
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। तेज धूप व गर्म हवा ने लोगों को परेशान कर दिया है। सोमवार को पारा 43 डिग्री को पार कर चुका है। इससे लोगों को घरों से बाहर निकलने के लिए सोचना पड़ रहा है। रविवार व शनिवार को अधिकतम तापमान 43 व न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि 25 से 35 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। जिससे लोगों को दिन में परेशानी हो रही है। सोमवार को हवा के थपेड़ों से थोड़ी राहत रहीं, लेकिन गर्मी और उमस ने परेशानी बढ़ा दी। मेडिकल कॉलेज में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार से पीड़ित लोग इलाज कराने पहुंच रहे हैं।
मेडिसिन विभाग में दोपहर एक बजे तक इस बीमारी से संबंधित करीब 100 मरीज पहुंचे। डॉ. सराजुद्दीन, डॉ. गौरव ने मरीजों का इलाज किया। इसमें बुखार व पेट दर्द के 40-40, उल्टी-दस्त के 20 मरीज रहे। जबकि बाल रोग विभाग में उल्टी-दस्त के 40, पेट दर्द के 20, खांसी-बुखार से पीड़ित 35 बच्चों का डॉ. इकबाल ने इलाज किया। पीआईसीयू व चिल्ड्रेन वार्ड में 40 बच्चों का इलाज चल रहा है। इसमें बुखार के 20, उल्टी-दस्त के 11 व सांस के 3 मरीज शामिल हैं।
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इमरजेंसी में चौबीस घंटे में आ रहे 50 से 60 मरीज
- इमरजेंसी में हर रोज उल्टी, दस्त, बुखार, पेट दर्द की शिकायत लेकर 50 से 60 लोग पहुंच रहे हैं। अधिकांश को कुछ देर तक दवा, इलाज के बाद छोड़ दिया जा रहा है, जबकि गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। सोमवार को सुबह करीब 11 बजे पकड़ियार की राजमती देवी 60 पत्नी छविलाल को लेकर परिजन पहुंचे। उन्हें उल्टी व पेट में जलन था। वहीं शहर के ट्यूबवेल कालोनी मोहल्ला निवासी शीतल जायसवाल को दस्त व कंपकंपी हो रही थी। परिजन उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे। इसके अलावा सुबह 11.20 बजे बैतालपुर क्षेत्र के महुअवा की सुखदेइया को लेकर परिजन पहुंचे, उन्हें दस्त, पेट में दर्द की शिकायत थी। करीब 11.47 बजे विजयीपुर के भुजौली खुर्द की पुष्पा देवी अस्पताल में भर्ती हुईं। परिजनों ने बताया कि धूप लगने से दो दिन से उल्टी-दस्त से परेशानी हैं। स्थानीय स्तर पर दवा कराने पर आराम नहीं मिला तो अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वार्ड में चल रहा मरीजों का इलाज
- तेज धूप, गर्मी और खानपान में गड़बड़ी के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। वार्ड में करीब दस मरीजों का इलाज चल रहा है। इसमें सदर कोतवाली के गदपुरवा की शैला सिंह 50, खामपार क्षेत्र के भठवा तिवारी की नेहा कुमारी 20 पुत्री संजय शर्मा, रामपुर कारखाना क्षेत्र की अमनी देवी 65 पत्नी सुबाष, कोतवाली क्षेत्र के परसिया तिवारी की सुमन देवी 30 पत्नी राजकुमार, इसी थाना क्षेत्र के बोड़िया अनंत की दुलारी देवी 55 पत्नी रामप्रवेश, महुआडीह थाना क्षेत्र के बेलवा बाजार की प्रियंका 30, सदर कोतवाली क्षेत्र के दानोपुर की रिंपी तिवारी पुत्री करुणा तिवारी शामिल हैं। इनका इलाज चल रहा है।
बोले लोग
- तेज धूप और हवा से जीना बेहाल हो गया है। सास को लेकर भर्ती हैं। शनिवार को उन्हें अचानक उल्टी-दस्त शुरू हो गया। दवा मंगाकर खिलाने के बाद भी आराम नहीं मिला तो अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब आराम है। अभी एक-दो दिन और रुकना पड़ेगा।
सुमन, निवासी, बोड़िया अनंत
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- पत्नी भर्ती हैं। लग्न का समय चल रहा है। वह गांव गई थीं, जहां तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद शरीर में दर्द, उल्टी-दस्त शुरू हो गया। कुछ खा-पी नहीं जा रहा था। इसके बाद अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टर ने भर्ती कर इलाज शुरू किया। इस मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है।
- व्यास सिंह, निवासी, गदपुरवा
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धूप तेज होने लोगों को परेशानी होती है। गर्मी में पसीना निकलता है और पानी की कमी हो जाती है। पाचन शक्ति भी कम हो जाती है। फास्ट फूड, तला, मसालेदार, अति वसायुक्त भोजन करने से अपच, उल्टी-दस्त, पेट दर्द से लोग पीड़ित हो जाते हैं। इस मौसम में खानपान और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। साथ ही पानी अधिक सेवन करना चाहिए। तबीयत खराब होने पर तत्काल विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह पर दवा लेनी चाहिए।
- डॉ. सराजुद्दीन, फिजिशियन
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यह बरतें सावधानी
- धूप में आवश्यक हो तभी निकलें
- खूब पानी पीकर बाहर निकलें। सिर पर टोपी, गमछा लगाएं।
- सूती, ढीले, पूरी बांह का कपड़ा पहनें।
- तरल पदार्थ का सेवन अधिक करें।
- खाली पेट धूप में न निकलें। बच्चों को धूप में निकलने व खेलने न दें।
- स्वच्छ, शुद्ध पेयजल अधिक पीएं।
- बासी व दूषित खाद्य पदार्थ का सेवन न करें।
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अस्पताल में बुखार, उल्टी, दस्त के मरीज बढ़े हैं। इस मौसम में सभी को सजग रहने की जरूरत है। धूप से बचें। दिक्कत होने पर डॉक्टर के पास जाएं और दवा लें। अस्पताल में इलाज व दवा की सुविधा है।
- डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस
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