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Deoria News: करोड़ों रुपये बहाया पर नहीं पहुंचा हर घर पानी

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भटनी में उखड़ी पाइप - फोटो : DEORIA
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करोड़ों रुपये बहाया पर नहीं पहुंचा हर घर पानी
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शहर की कई मोहल्लों में आपूर्ति ठीक नहीं, बड़ी संख्या में ओवरहेड टैंक बने हुए हैं शोपीस
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जनपद मुख्यालय से लगायत देहात तक हर घर को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए हर घर नल और जल जीवन मिशन योजना के तहत करोड़ों की रकम खर्च कर दी गई है। सच तो यह है कि जनपद में अभी तक हर घर को नल की व्यवस्था नहीं है। इतना ही नहीं, हैंडओवर के अभाव में बड़ी संख्या में ओवरहैड टैंक शोपीस बन कर रह गए हैं। कुछ जगहों पर तो गांवों में बिछाए गए पाइप फट चुके हैं। नगर पालिका क्षेत्र के करीब दस वार्ड ऐसे हैं, जहां पर हर घर जल आपूर्ति नहीं है।
जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर को पानी देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए हैं पर हकीकत यह है कि अभी अधिकतर जगहों पर पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई है। हैंडओवर के अभाव में अधिकतर जगह पानी की टंकियां बेकार पड़ी हुईं हैं।
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जल निगम ने जनपद में 160 ओरवहेड टैंक का निर्माण कराया है। इसमें करीब 87 पानी की टंकियां निर्माण पूरा होने के बाद हैंडओवर नहीं हुईं। इसके कारण कई जगहों पर फर्श टूट चुके हैं। इतना नहीं पानी के पाइप फट रहे हैं। जल जीवन मिशन योजना के तहत 677 पानी की टंकी बनाई जानी है। इसमें केवल 161 जगहों पर काम शुरू हो पाया है।
इन मोहल्लों में आपूर्ति की व्यवस्था नहीं
शहर के रामगुलाम टोला का हिस्सा, गायत्रीपुरम, खरजरवा बाहर, साकेत नगर, दानोपुर, कठिनइया, उमानगर, न्यू कॉलोनी बाहर, रामनाथ देवरिया के कई हिस्सों में जलकल आपूर्ति नहीं है।
सीडीओ ने तीन दिन में बीस हजार कनेक्शन देने के दिए निर्देश
देवरिया। सीडीओ रवींद्र कुमार ने बताया कि जल जीवन मिशन योजना के तहत एलसी इंफ्रा प्रालि ने 242 परियोजनाओं का कार्य प्रारंभ करा दिया है। इसके लिए 887.00 किलोमीटर पाइप लाइन ग्राम पंचायतों में डाल दी गई है। साथ ही 38,997 कनेक्शन कर दिए गए हैं। जबकि फर्म गायत्री प्रोजेक्ट ने 196 परियोजना का कार्य प्रारंभ किया है। इसमें 37 ओवरहेड का कार्य किया जा रहा है। इस फर्म ने 742.00 किलोमीटर पाइप लाइन ग्राम पंचायतों में डाल दी है। जबकि 34,550 नग कनेक्शन दिए गए हैं। इन दोनों फर्मों को 10 नवंबर तक बीस हजार कनेक्शन देने के निर्देश दिए गए हैं। रित्विक कोया फर्म ने 260 ग्राम पंचायतों में महज 68 डीपीआर बनाई है। कुल एग्रीमेंट 634 के मुकाबले 536 की डीपीआर बनाई गई है।
कोट
जल जीवन मिशन के तहत कार्य किया जा रहा है। जो टंकियां काफी दिनों से हैंडओवर नहीं की गई हैं, उनकी सूची तैयार की जा रही है। शीघ्र ही क्रियाशील कर दी जाएंगी।
-अखिल आनंद अधिशासी अभियंता जल निगम
शोपीस बनी पानी की टंकियां, 18 साल बाद भी नहीं हुईं हैंडओवर
देसही देवरिया। देसही देवरिया क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल के लिए करोड़ों रुपये की लागत से गांवों में बनी पानी की टंकियां शोपीस बनी हुईं हैं। वर्षों बाद भी कहीं सप्लाई शुरू नहीं हुई। कहीं हुई भी तो पाइप जर्जर हो गए तो कहीं हैंडओवर ही नहीं हुई।
देसही देवरिया क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए शासन से 2011 में एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से हेतिमपुर में ओवरहैड टैंक का निर्माण कराया गया। यहां 11 टोलों की सप्लाई होनी थी। ट्रायल होते ही जगह-जगह पाइप फट गए। उसके बाद उसे उसी हाल में छोड़ दिया गया। टैंक का खंभा भी अब टूटकर गिर रहा है।
गांव के शारदा, विद्यासागर शर्मा, रमेश सिंह, ओमप्रकाश कन्नौजिया, धर्मेंद्र गोंड़ आदि ने बताया कि आज तक सप्लाई तो हुई नहीं। अब इसके जर्जर हो चुके टैंक के ढहने से खतरा उत्पन्न हो गया है। वहीं, पकड़ी वीरभद्र, पिपरा दौला कदम, भरथा पट्टी, सहोदरपट्टी आदि गांवों में बनी पानी की टंकियां शोपीस बनी हुईं हैं। जबकि बरवां मीरछापर में बनने के करीब 18 साल बाद और पिपरा मदन गोपाल में दो साल बाद भी अब तक टंकी हैंडओवर नहीं हुई है।
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वहीं, हर पानी की टंकी पर वर्षों से ऑपरेटर तैनात हैं। उनको वेतन भी दिया जा रहा है। बिजली निगम की सप्लाई भी हो रही है, लेकिन कोई लाभ नहीं है। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि जल निगम की लापरवाही के चलते उन्हें स्वच्छ जल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
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