बरहज में विकराल रूप में बह रही नदी
बरहज। सरयू और राप्ती नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में सरयू नदी में 10 और राप्ती के जलस्तर में 15 सेमी का इजाफा हुआ है। सरयू खतरे के निशान से 70 सेमी ऊपर पहुंच गई है। दोनों नदियों का पानी खेतों के रास्ते गांवों की तरफ बढ़ रहा है। इससे तटवर्ती ग्रामीणों में दहशत है।
इस वर्ष बरहज में नदी का उच्चतम लेवल खतरे के निशान 66.50 मीटर से एक मीटर पांच सेंटीमीटर ऊपर 67.55 मीटर तक पहुंचा था। इसके बाद नदी पीछे हटने लगी थी।
हालांकि, नदी खतरे के निशान 66.50 पर बह रही थी। नेपाल में आई त्रासदी के चार दिन बाद से फिर सरयू के जलस्तर में बढ़त दर्ज किया जा रहा है।
24 घंटे में सरयू के जलस्तर में 10 सेमी का इजाफा हुआ है। बृहस्पतिवार को बरहज में जलस्तर 67.20 मीटर था, जो खतरे के निशान से 70 सेमी ऊपर है। सरयू के बढ़ रहे जलस्तर से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। राप्ती नदी के जलस्तर में 15 सेमी की बढ़त हुई है और नदी 67.75 मीटर पर बह रही है। यह रुद्रपुर में खतरे के निशान से 2.75 मीटर नीचे है। चनुकी संवाद के अनुसार, लार के चुरिया-नदौली के दियारा क्षेत्र में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इससे क्षेत्र के किसानों की परेशानी बढ़ गई है। पशुपालकों के सामने पशुओं के चारे की समस्या आ गई है । नदौली दियारा क्षेत्र के ज्यादातर किसान खेती और पशुपालन पर ही निर्भर हैं। उनकी खेती और पशुओं को रखने का स्थान दियारा में ही है। नदी के पानी के बढ़ाव से किसानों के सामने पशुओं के लिए चारे का संकट हो गया है। पशुओं के चारे के लिए किसान नाव के सहारे उस पार दियारा में जाते और चारा लेकर आते हैं। नदौली और चूरियां के ग्रामीणों का कहना है कि हर बरसात में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ता है। पुल नहीं होने से लोग अपनी जान जोखिम में डाल नाव के सहारे आते-जाते हैं। किसान सुरेश यादव, नगेंद्र यादव, अमरेश तिवारी, अशोक, राम आशीष यादव, धर्मेंद्र, जितेंद्र, धीरेंद्र आदि किसानों ने तत्काल नदौली गांव के सामने सरयू नदी पर पुल बनाने की मांग की है।