भारी वाहनों का दबाव नहीं झेल पा रही जलकल की पाइपें, आए दिन हो जा रही लीकेज
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। फोरलेन से गुजरने वाले वाहनों का दबाव जलकल की पाइप झेल नहीं पा रही है। इस कारण आए दिन पाइप लीकेज हो रही है। इससे पेयजल आपूर्ति बाधित हो रही है। सोमवार रात में बस स्टेशन के पास इस समस्या से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस कारण मंगलवार को यहां पर रुक-रुक कर जाम लग रहा था।
जलकल विभाग की बातों पर गौर किया जाए तो फोरलेन पहले टू लेन था। तब पाइप लाइन सड़क किनारे थी। पर जब फोरलेन सड़क बनी तो पाइप लाइन इसके बीच में आ गई। जबकि दूसरी तरफ वाहनों का दबाव बढ़ता गया। हर रोज पहले कभी 20 से 30 हजार वाहन गुजरते थे, लेकिन अब 50 से 60 हजार वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं। सबसे अधिक इजाफा भारी वाहनों में हुआ है। सोमवार की रात में करीब आठ बजे बस स्टेशन के पास एक भारी मालवाहन गुजरने के कारण सड़क थोड़ी धंस गई। कुछ देर बार वहां से पानी का रिसाव शुरू हो गया। लोगों ने इसकी जानकारी नगरपालिका को दी। मौके पर पहुंचे कर्मियों ने खोदाई करने के बाद बैरियर लगा दिया, क्योंकि पाइप लाइन ठीक नहीं हो सकी। इसके कारण रात भर वाहन बच के निकलते रहे। मंगलवार की दोपहर तक इस जगह पर कई बार जाम भी लगा। करीब तीन बजे पाइप लाइन ठीक हो सका।
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इन जगहों पर हो चुका है लीकेज
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नगरपालिका के जलकल विभाग के गेट के पास मार्च माह में पाइप लीकेज हो गया था। छह माह के भीतर फोरलेन पर महिला थाने के पास, शहीद गेट, एसपी आफिस, कचहरी चौराहे पर दो जगह, बस स्टेशन के सामने, रामनाथ देवरिया मोड़ के पास पास पाइप लाइन फट चुकी है। एक बार तो रामनाथ देवरिया मोहल्ले में लोगों के घरों में गंदा पानी चला गया था। इससे करीब 40 लोग उल्टी, दस्त के शिकार हो गए थे। अभी कुछ दिन पहले कोतवाली चौराहे पर जलकल की पाइप फट गई थी। ठीक होने के बाद सड़क जैसे-तैसे छोड़ दी गई। शहर के साकेत नगर में पाइप लाइन फटने के कारण टूटी सड़क जैसे-तैसे पड़ी हुई है।
कोट
फोरलेन के नीचे डाली गई पाइप लाइन लीकेज और फटने के पीछे सबसे बड़ा कारण बड़े वाहनों का दबाव बढ़ना है। पहले पाइप लाइन किनारे हुआ करती थी। जिन जगहों पर लीकेज की शिकायत मिलती है, वहां कर्मचारियों को भेजकर ठीक करा दिया जाता है।
....पीएन मिश्र, सहायक अभिंयता जलकल