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Deoria News: सरयू, राप्ती और गोर्रा का पानी घटा... राहत के साथ आफत भी

Thu, 18 Jul 2024 02:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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बरहज सरयू में जलस्तर कम होने पर सीढि़यों से नीचे बह रही नदी 
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तीन पाट में बंटी सरयू, पक्के घाट की सीढि़यों से काफी नीचे बह रहा पानी
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बरहज में सरयू खतरे निशान से 5 सेमी नीचे आ गई है। थाना घाट स्थित बाढ़ खंड विभाग की ओर से लगाए गए मीटर गेज पर बुधवार की शाम सरयू खतरे के निशान 66.50 से पांच सेमी नीचे 66.45 मीटर पर बह रही थी। पिछले 12 घंटे में जलस्तर में 25 सेमी की कमी नोट किया गया है। रुद्रपुर में बुधवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की दो बड़ी नदियां राप्ती और गोर्रा के जलस्तर में गिरावट आई हैं।
गोर्रा नदी खतरे के निशान को छू कर उतरने लगी है। राप्ती नदी खतरे के निशान से 25 सेमी नीचे चली गई है। गोर्रा का जलस्तर लाल निशान 70.50 मीटर से घटकर 70.45 मीटर पर पहुंच गया है। नदी 24 घंटे में पांच सेमी घटी है। उधर, सरयू का जलस्तर कम होने से बरहज में बाढ़ प्रभावितों ने राहत की सांस ली है। मगर, कटान की आशंका बढ़ गई है।
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बरहज संवाद के अनुसार 15 दिन पहले सरयू नदी में सैलाब उमड़ आया था। इससे राप्ती नदी भी उफान पर थी। नदी खतरे के निशान से 85 सेमी ऊपर 67.35 मीटर पर बहने लगी थी। जिससे चारों ओर पानी भर गया था। जलस्तर में कमी आने और नदी के खतरे के निशान से नीचे पहुंचने पर लोगों ने राहत महसूस किया है। लेकिन भदिला प्रथम गांव राप्ती नदी से चारो ओर से घिरा होने के कारण टॉपू बना हुआ है। कटइलवा से कपरवार संगम तट तक नदी बंधा छोड़कर बहने लगी है। परसियां-विशुनपुर देवार और गोरखपुर के कोलखास नई बस्ती में जलजमाव के कारण लोगों की दुश्वारियां जस की तस बनी हुई है। बाढ खंड विभाग के सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी ने बताया कि जलस्तर में काफी नरमी आई है। बाढ़ का पानी नीचे चला गया है। खतरे जैसी कोई बात नहीं है।
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पिड़रा पुल पर कटान स्थल की निगरानी में लापरवाही पर बिफरे विधायक

निरीक्षण के दौरान पीडब्ल्यूडी के अभियंता नदारद, सीएम से करूंगा शिकायत : जयप्रकाश
संवाद न्यूज एजेंसी

फोटो समाचार
रुद्रपुर। बाढ़ प्रभावित रुद्रपुर क्षेत्र के संवेदनशील तटबंधो और कटान स्थलों का बुधवार को विधायक जयप्रकाश निषाद ने निरीक्षण किया। इस दौरान सबसे संवेदनशील पिड़रा पुल पर हो रहे कटान स्थल की निगरानी में लापरवाही पर वह पीडब्ल्यूडी के अभियंता पर जमकर बरसें। मौके का निरीक्षण करने पहुंचे विधायक को कटान स्थल पर कोई भी जिम्मेदार नहीं मिली तो उन्होंने सीएम से शिकायत करने को कहा।

पिड़रा पुल के पास गोर्रा नदी के बैक रोल करने से तेजी से कटान हो रहा है। एक दिन पहले डीएम दिव्या मित्तल ने कटान स्थल का निरीक्षण कर पीडब्लूडी के अधिकारियों को दिन रात निगरानी कर निरोधात्मक कार्यं करने का निर्देश दीं थी। दूसरे दिन विधायक के दौरे के दौरान वहां पीडब्ल्यूडी का कोई अभियंता मौजूद नही था। कटान स्थल को लावारिस छोड़ने पर विधायक ने अधिशासी अभियंता से फोन पर बात कर कड़ी नाराजगी जताई। उ
न्होंने कहा किपीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की शिथिलता के कारण अप्रोच मार्ग पर जोखिम बना है। यदि पीडब्लूडी समय से निरोधात्मक कार्य की परियोजना की फाइल शासन में भेज दिया होता तो आज स्थिति चिंताजनक नहीं होती। विधायक सीएम को पिड़रा पुल पर हो रहे कटान की स्थिति से अवगत करा चुके हैं। सीएम समस्या के समाधान के लिए परियोजना का इस्टिमेट बनाकर प्रस्तुत करने का निर्देश दिए हैं।
पिड़रा पुल के निरीक्षण के बाद विधायक पचलड़ी बेलवा बांध पर कटान स्थल का जायजा लिए। वहां कटान रोकने को सिंचाई विभाग के अभियंता को निर्देश दिए। उन्होंने जमींदारी बांध का भी निरीक्षण किया। उनका काफिला तिघरा मराछी बांध होते हुए राप्ती नदी के किनारे भेड़ी कटान स्थल पर पहुंचा।
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यहां राप्ती नदी की धारा सीधे बांध पर ठोकर मार रही है। इस कारण बोल्डर पीचिंग दरकने लगा है। सिंचाई विभाग बांध को बचाने का पूरजोर प्रयास कर रहा है। विधायक ने एक्सइएन को कटान रोकने को जीयो टैगिंग से पीचिंग कराने के लिए प्रस्ताव बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि बांध बचाने के लिए बरसात के बाद शासन से 100 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत कराई जाएगी। इस दौरान सिचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राधेश्याम प्रसाद, सहायक अभियंता रविशंकर यादव, सचिन अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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