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Deoria News: शहर के बीच मालगोदाम, बिगड़ रही हवा की सेहत

Fri, 27 Oct 2023 11:41 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया। शहर के रेलवे स्टेशन रोड स्थित मालगोदाम परिसर से उड़ने वाली धूल और ट्रकों के धुंए से शहर की हवा की सेहत बिगड़ रही है। इलाके में हर रोज आठ सौ से अधिक ट्रकों का आना-जाना है। इससे आसपास की करीब अस्सी हजार की आबादी की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। इसको लेकर एनजीटी भी सख्त है। इलाके में दो घंटे के वायु प्रदूषण का मापन कराने के बाद मुख्य सचिव सहित चार अफसरों से एनजीटी ने जवाब मांगा है।
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रेलवे स्टेशन के पास स्थित माल गोदाम कभी शहर के बाहर हुआ करता था। धीरे-धीरे शहर की बसावट बढ़ी और यह इलाका घनी आबादी से घिर गया। इसके अगल-बगल शहर के प्रमुख मोहल्ला रामगुलाम टोला, सिंधी मिली, देवरही टोला, गरूलपार, अबूबकर नगर, गायत्रीपुरम, पिड़रा आदि हैं। मालगोदाम पर हर रोज करीब 800 से एक हजार ट्रकों का आना-जाना होता है, जिनमें हजारों लीटर डीजल जलकर धुंआ बनकर उड़ता है। इससे यहां के वातावरण में कार्बन मोनोआक्साइड व अन्य खतरनाक गैसों की मात्रा मानक से अधिक हो गई है। इतना ही नहीं खाद, सीमेंट उतरने के कारण रासायनिक गैसें और धूल भी हवा में घुल रही है। इसके कारण अगल-बगल स्थित स्कूल, अस्पताल सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर लोग प्रदूषण से परेशान हो रहे हैं।
इसकी शिकायत कानून पीड़ित न्याय मंच के सचिव व अधिवक्ता अविनाश सिंह ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) से की थी। जिसके क्रम में एनजीटी ने प्रदूषण जांच के लिए रेस्पायरेबल डस्ट सैंपलर मशीन लगाकर दो जगहों का दो घंटे का वायु प्रदूषण का आंकड़ा जुटाया। एडीएम प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और रेलवे के अफसरों की संयुक्त कमेटी ने जांच के बाद रिपोर्ट एनजीटी को सौंप दी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एनजीटी ने मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश, डीआरएम वाराणसी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिलाधिकारी से जवाब तलब किया है। मामले में सभी को 18 जनवरी 2024 से पहले अपना जवाब दाखिल करना है।
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मानकों की अनदेखी कर निर्माण से भी बढ़ी परेशानी
देवरिया। मानकों की अनदेखी कर हो रहे निर्माण और वाहनों की बेतहाशा वृद्धि से भी शहर की आबोहवा खराब हो रही है। जिस हवा का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) सप्ताह भर पहले सामान्य था, वह अब खराब की श्रेणी में आ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि आगे भी यह स्थिति बनी रहेगी। दीवाली के समय स्थिति और बिगड़ सकती है। ऐसे में हृदय एवं सांस के रोगियों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। 16 अक्तूबर को हुई बारिश से जिले का एक्यूआई थोड़ा संतोषजनक हो गया था पर शहर में कुछ जगहों पर चल रहे निर्माण और टूटी सड़कों से उड़ने वाली धूल से यह फिर खराब श्रेणी में पहुंच गया है। दशहरा के बाद शहर में उमड़ी भीड़ का भी वायु गुणवत्ता पर खराब असर पड़ा है।
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मालगोदाम को शिफ्ट करने का प्रयास हुआ विफल
देवरिया। शहर के रेलवे स्टेशन रोड स्थित मालगोदाम को अहिल्यापुर में शिफ्ट करने के लिए एक बार प्रयास हुआ था। इसके लिए देवरिया के सांसद रहे कलराज मिश्रा ने रेल मंत्रालय से पहल भी की थी, लेकिन बाद में चलकर मामला ठंडे बस्ते में चला गया और मालगोदाम शिफ्ट नहीं हो पाया। संवाद

इस तरह खराब हुई हवा की गुणवत्ता
तारीख एक्यूआई
25 अक्तूबर 130
26 अक्तूबर 135
27 अक्तूबर 141

कोट
वाहनों के धुएं और धूल से वायुमंडल में प्रदूषण फैलता है, जो हानिकारक होता है। एलर्जी, अस्थमा और सीओपीडी के मरीजों की बीमारी प्रदूषित वायु से बढ़ जाती है। इससे उन्हें सांस फूलने की शिकायत होने लगती है। लगातार खराब गुणवत्ता की वायु सामान्य लोगों की भी सेहत बिगाड़ सकती है। धुएं और धूल से फेफड़े सिकुड़ जाते हैं और उनकी कार्य करने की क्षमता घट जाती है।
- डॉ. अनुराग शुक्ला, विभागाध्यक्ष, चेस्ट, महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज
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प्रदूषण के कारण लोगों की सेहत पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। पहले कैंसर के मरीज बहुत कम मिलते थे लेकिन इनकी संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। यह प्रदूषण की ही देन है। इसका सबसे बेहतर उपाय है कि अधिक से अधिक हरित बेल्ट बनाया जाए, तभी निजात मिलेगी।
- विजयेंद्र राय लबली, पर्यावरण प्रहरी
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- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत शुद्ध हवा हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। शहर के बीच मालगोदाम के कारण वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। आने वाले ट्रकों में हर रोज हजारों लीटर डीजल जलता है, जिससे निकलने वाली गैसें हवा की गुणवत्ता को खराब कर रही हैं।


- अविनाश सिंह, अधिवक्ता व शिकायतकर्ता


प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस पहल होनी चाहिए। मालगोदाम से निकलने वाली धूल आसपास के घरों तक पहुंच जाती है। इससे सेहत खराब हो रही है। इस दिशा में जिम्मेदार अधिकारियों को सोचना चाहिए।
- सुनील जायसवाल, व्यापारी


मालगोदाम की तरफ से गुजरने पर काफी धूल उड़ती है। इतना ही नहीं, जिन जगहों पर निर्माण चल रहा है वहां के लोगों को भी खुद व्यवस्था करनी चाहिए। प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक है। वायुमंडल में प्रदूषण से तरह-तरह की बीमारियां होती है।
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- मृदुला सिंह बघेल, प्रधानाचार्य
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