फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Deoria News: हाईकोर्ट का निर्देश हवा में... विसर्जन से नदियां प्रदूषित

Fri, 27 Oct 2023 11:39 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
विज्ञापन
विज्ञापन
बरहज, देवरिया। हाईकोर्ट की रोक के बावजूद भी दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन जनपद से बहने वाली विभिन्न नदियों में किया गया है। प्रशासन मूर्तियों का विसर्जन कृत्रिम पोखरों में कराने में विफल रहा, जिससे नदियां प्रतिमाओं के अवशेषों से पट गईं। वहीं, अब इन्हें साफ कराने को लेकर भी प्रशासन गंभीर नहीं है। वहीं, जिले में चौथे दिन भी प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला जारी रहा। प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद लूट-खसोट करने वाले भी सक्रिय रहे।
विज्ञापन

जिले में मूर्ति विसर्जन के लिए जिला प्रशासन ने लेखपालों को जिम्मेदारी दी थी। सभी को सख्त निर्देश था कि नदियों में मूर्ति विसर्जन न होने दिया जाए। इसके लिए नदी के नजदीक गड्ढा खोदवाया जाए जिसमें प्रतिमाएं विसर्जित की जाएं, ताकि नदियों में प्रदूषण न हो। पर हकीकत यह है कि कपरवार घाट में राप्ती नदी, भागलपुर में सरयू, पटनवा पुल, महुआपाटन में गंडक, देसही देवरिया और मेहरौना में नदियों में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। शुक्रवार को पड़ताल की गई तो यह निकलकर सामने आया कि अधिकांश स्थानों पर गड्ढा नहीं खोदवाया गया था। इतना ही नहीं, चौथे दिन भी कुछ प्रतिमाओं का विसर्जन नदियों में हुआ।
कपरवार के उग्रसेन पुल से करीब 10 प्रतिमाओं का विसर्जन शुक्रवार को नदी में किया गया। तीन दिनों से हो रहे दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के कारण पुल पर और नदी के किनारे करीब 150 मीटर तक प्रतिमाओं के अवशेष आदि सामान बिखरे पड़े हैं। वहीं, लोगों में सामानों को समेटने की होड़ भी लगी हुई है। नौ दिनों तक पूजा-अर्चन के बाद प्रतिमाओं का विसर्जन मंगलवार से पुल से शुरू हो गया। यह सिलसिला शुक्रवार तक जारी रहा। चार दिनों से हो रहे प्रतिमाओं के विसर्जन के कारण पूजा सामग्री के साथ-साथ अन्य सामानों की गंदगी जगह-जगह फैली हुई है, लेकिन साफ-सफाई पर किसी का ध्यान नहीं गया। यहां तक कि पुल पर पूजन सामग्रियों और देवी प्रतिमाओं की तस्वीरों पर पैदल राहगीरों के साथ ही गाड़ियां रौंद रही हैं। वहीं नदी के किनारे और बीच में बांस की फठ्ठियों का ढेर लगा हुआ है। जबकि उसके साथ ही मूर्तियों के साथ विसर्जित किए गए फल आदि सामान सड़ रहे हैं, जिससे दुर्गंध उठ रही है। लोगों ने पुल और नदी घाट पर फैली गंदगियों को लेकर नाराजगी जताई है। सभी का कहना था कि प्रशासन को विसर्जन के बाद साफ-सफाई का इंतजाम कराना चाहिए।
विज्ञापन

-
अलाव जलाने के साथ खेतों में बाड़ा बनाने में काम आएंगी बांस की फट्ठियां
बरहज। दुर्गा प्रतिमाओं का ढांचा बनाने में बांस की फट्ठी और पटरी आदि लगाई गई है। नदी घाट पर सामान समेट रहे लोगों का कहना है कि ठंड पड़ने पर बांस की फट्ठियां अलाव जलाने के काम आएंगी। जबकि खेतों में फसलों को मवेशियों से बचाने के लिए बाड़ा बनाने के काम आएंगी। कपरवार पश्चिमपुरा के रामायण ने बताया कि इन लकड़ियों को लोग झोपड़ी बनाने में प्रयोग करते हैं। संवाद


कोट
शारदीय और चैत्र नवरात्र की तैयारी लोग लंबे समय से करते हैं। जिसमें नौ दिनों तक उपवास रखते हुए लोग मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। मां की प्रतिमा विसर्जन के दौरान पूजा सामग्री और अन्य सामानों को इधर-उधर फेंकने से परहेज करना चाहिए। जबकि आस्था और सम्मान के साथ उसका विसर्जन किया जाना चाहिए।
- देवेश चंद्र सिंह, कपरवार

जगह-जगह फैली पूजन सामग्रियों की साफ-सफाई भी कराई जानी चाहिए। इसे पैरों तले रौंदा जाना अनुचित है। विसर्जन के उपरांत ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए, जिससे आस्था को ठेस पहुंचे। विसर्जन के दो दिन बाद भी फैली गंदगियों से बीमारियों की आशंका है।
- कृष्णमुरारी पांडेय, बरांव


सभी लेखपालों को नदी के समीप गड्ढा खोदवाकर में सावधानी बरतते हुए मूर्तियों का विसर्जन कराने का निर्देश दिया गया था। रही बात साफ-सफाई की, तो जल्द ही इसकी व्यवस्था करा दी जाएगी। इसके बावजूद कहीं से शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


- अवधेश कुमार निगम, एसडीएम, बरहज
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें