वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि नाला खुदाई में लापरवाही बरती जा रही है। इसके कारण हम सभी को डर सताने लगा है कि इस रोड पर करीब 70 से 80 मकानों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके लिए कार्यदायी संस्था को उपाय करना चाहिए। जबकि रामनाथ देवरिया निवासी किसान बाबूनंदन मिश्र, विजय मणि ने बताया कि बड़े नाले के निर्माण के लिए जल निगम ने किसानों की भूमिधरी पर बिना पैमाइश व भूमि अधिग्रहण किए पक्के नाले का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।
राजस्व अभिलेख में देवरिया-रामलक्षन मार्ग की चौड़ाई चार मीटर है। इस समय बढ़कर मौके पर सड़क की चौड़ाई 5.5 मीटर पिच व पटरी सहित कुल 10 मीटर है। किसानों की शिकायत है कि सड़क चौड़ीकरण के समय भी बिना नोटिस दिए काम कराया गया था।
- 8.88 किमी होना नाले का निर्माण
- 41.33 करोड़ रुपये की है लागत
- 19 मार्च से हो रहा है निर्माण
शहर को क्या होगा फायदा
आरसीसी नाला निर्माण से शहर की जलनिकासी की समस्या दूर हो जाएगी। नाला का निर्माण खोराराम रोड के कुर्ना नाला, कतरारी मोड़, रामनाथ देवरिया, सीसी रोड, वन विभाग होते हुए फोरलेन सिविल लाइंस, पुलिस लाइंस तक होगा।
नाला निर्माण में सुरक्षा के मानक का ख्याल किया जा रहा है। जिन लोगों का मकान अतिक्रमण कर बना है, उनको स्वयं हटा लेना चाहिए। यूपी रोड साइड लैंड कंट्रोल एक्ट लागू है। किसी की भूमि में खुदाई नहीं की जा रही है।
- प्रदीप चौरसिया, अधिशासी अभियंता जल निगम