संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सुबह और शाम को ठंड हाेने तथा मौसम बदलने से वायरल बुखार से बच्चे पीड़ित हो रहे हैं। साथ ही बच्चे सर्दी, खांसी, सांस से भी परेशान हैं। मेडिकल कॉलेज में इन मरीजों की संख्या बढ़ गई है। रोजाना 50 से अधिक मरीज आ रहे हैं। गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। पीआईसीयू वार्ड भी भर जा रहे हैं। डॉक्टर दवा के साथ बच्चों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
मौसम में बदलाव हो रहा है। वहीं सुबह और शाम को ठंड का एहसास हो रहा है। इसका प्रभाव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इस मौसम में वायरस का संक्रमण बढ़ता है। थोड़ी सी लापरवाही से बच्चों की सेहत बिगड़ जा रही है और बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। इसकी वजह से बच्चे वायरल बुखार, खांसी, नाक बहने, सांस लेने में दिक्कत से पीड़ित हो रहे हैं। वहीं बैक्टीरियल इंफेक्शन भी हो जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में इस तरह के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। सोमवार को बाल रोग विभाग में मरीजों की भीड़ रही। करीब 185 बीमार बच्चों को लेकर तीमारदार पहुंचे थे। इसमें बुखार, सर्दी, खांसी से पीड़ित करीब 120 व सांस के 20 के अलावा अन्य बीमारी से ग्रसित मरीज थे। डॉक्टर ने परीक्षण के बाद अधिकांश बच्चों को दवा के साथ सावधानी बरतने की सलाह दी, जबकि गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को भर्ती किया गया। उधर वार्ड में बेड फुल हैं। पीआईसी व चिल्ड्रेन वार्ड के कुल 35 बेड पर सुबह 45 बच्चे थे। इसमें स्वस्थ होने पर करीब दस को छुट्टी दे दी गई। इसके बाद भी 15 बेड के पीआईसीयू में सभी बेड पर मरीज थे, जबकि 20 बेड का चिल्ड्रेन वार्ड भी भरा था। इसमें बुखार के सबसे अधिक 24, सांस से पीड़ित नौ व उल्टी-दस्त के दो मरीज थे। डॉक्टर व स्टाफ नर्स की निगरानी में इलाज चल रहा है।
बाल रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. इकबाल ने बताया कि मौसम बदलने पर वातावरण में नमी होती है। इससे वायरस व बैक्टीरिया ग्रोथ करते हैं।