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घटते जलस्तर से हो रही कटान से ग्रामीणों की नींद उड़ी

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भटनी के तेनुआ गॉव में कटान करती छोटी गण्डक नदी - फोटो : SALEMPUR
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घटते जलस्तर से हो रही कटान से ग्रामीणों की नींद उड़ी
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एक दर्जन गांव में कटान से परेशान हैं लोग, तेनुआ गांव के अस्तित्व पर मंडराया खतरा
संपूर्णानंद दीक्षित
भटनी। लगातार बारिश के कारण छोटी गंडक का जलस्तर बढ़ गया था। जलस्तर बांधों के ऊपर आ जाने के कारण एक ओर जहां कई गांव में धान आदि की फसल डूब जाने से बर्बाद हो गई। वहीं, दूसरी ओर अब घटते जलस्तर से कई गांव की उपजाउ भूमि नदी में तेजी से समाहित हो रही है। पिछले दस साल से कटान का दंश झेल रहे तेनुआ गांव के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। इससे ग्रामीणों के चेहरे पर चिंता की लकीरें झलक रहीं हैं।
छोटी गंडक के किनारे क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव कटान से प्रभावित हैं। क्षेत्र में इस साल हुई भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर काफी ऊपर उठ गया था। इससे क्षेत्र के पिपरा बिट्ठल, लालचक, दादर टोला, अहिरौली, टेघरा आदि गांव में धान, मक्के आदि की फसल भी पूरी तरह डूब गई थी। कुछ दिनों से बारिश बंद होने के कारण छोटी गंडक का जलस्तर से तेजी से घट रहा है। घटते जलस्तर के कारण डूबे हुए गांवों के अलावा क्षेत्र के बनकटा शिव, डुमरी, वैद्य मिश्रौली, मिश्रौली दीक्षित, नूरीगंज, केवड़ा, जिगिना मिश्र, तेनुआ, बेहराडाबर, गौनरियां, कुरमौटा, भरहेचौरा तथा संवरेजी में तेजी से कटान हो रही है। नदी के किनारे बसे तेनुआ गांव का अस्तित्व खतरे में है। लगातार दस वर्षाें से हो रही कटान से नदी गांव के करीब पहुंच गई है। हर दिन तेजी से हो रही कटान के कारण गांव के लोगों के नींद उड़ गई है। नदी के पानी में गिरते किनारों से किसानों की उपजाऊ भूमि भी हर रोज कम होती जा रही है। नगर स्थित कब्रिस्तान तथा मस्जिद की भूमि भी कटान की जद में है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन से मस्जिद समिति गुहार लगा रही है।इस संबंध में एई बाढ़ खंड देवरिया दीनदयाल दुबे का कहना है कि तेनुआ गांव के लिए एक प्रोजेक्ट तैयार कर शासन को भेजा गया है। शासन से धन अवमुक्त होते ही गांव के कटान को रोकने के लिए योजना पर काम शुरू किया जाएगा।
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तेनुआ के ग्रामीणों ने किया था भिक्षाटन
भटनी। प्रशासन से मदद न मिलने से नाराज तेनुआ गांव के ग्रामीणों ने क्षेत्र में कई गांव में करीब एक माह तक भिक्षाटन कर गांव को बचाने का प्रयास किया था। भिक्षाटन से मिली रकम कम होने के कारण कटान रोकने को लेकर कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आ पाया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरे से कोई चमत्कार ही बचा सकता है।
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फोटो समाचार
बाढ़ प्रभावित गांवों में प्रशासन ने भेजी राहत सामग्री, वंचितों की मंगवाई सूची
बरहज। सरयू नदी में उमड़े सैलाब से परसियां-विशुनपुर देवार के 27 मोहल्लों के अलावा भदिला प्रथम आदि गांव पानी से घिरे हुए थे। डीएम अमित किशोर के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित गांवों को राहत सामग्री मुहैया कराई जा रही है। जबकि संबंधितों से राहत सामग्री से वंचितों की सूची मांगी गई है। एसडीएम सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में राहत सामग्री वितरित कराई जा रही है। बताया जा रहा है कि विशुनपुर देवार में 105, परसियां देवार 17, पटेल नगर दो, कपरवार में 27 और भदिला में 345 घर बाढ़ से प्रभावित हैं। एसडीएम ने नायब तहसीलदार जितेंद्र सिंह के साथ भदिला प्रथम में करीब 218, विशुनपुर देवार में 32 घरों को राहत किट मुहैया कराई गई। एसडीएम ने बताया कि आलू आते ही शेष वंचितों को राहत किट उपलब्ध करा दी जाएगी।
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