आंधी और पानी ने शहर से लेकर देहात इलाकों की बिजली गुल कर दी।
कई जगहों पर बिजली के पोल टूट कर गिर गए। शहर और देहात के इलाकों में 17 घंटे बाद बिजली बहाल हो सकी जबकि देहात के सैकड़ों गांवों में देर रात बिजली नहीं आई। रामलीला मैदान सब-स्टेशन में कर्मचारियों को खरी-खोटी सुननी पड़ी। पानी नहीं मिलने से शहर के अधिकांश मोहल्ले के लोग हलकान रहे। शुक्रवार की रात नौ बजे तेज हवा चलने लगी। इसके चलते बिजली आपूर्ति व्यवस्था ठप हो गई।
विभिन्न इलाके के 30 से अधिक गांवों में बिजली के पोल और तार टूट कर गिर गए। इसके चलते आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ा गई। वहीं, रात 10 बजे शहर के रामलीला मैदान सब स्टेशन के पास 33 हजार हाईटेंशन तार ब्रेक डाउन हो गया।
इसके चलते रामलीला मैदान सब स्टेशन की आपूर्ति ठप हो गई। भुजौली कॉलोनी, रेलवे स्टेशन, टाउन और हनुमान मंदिर फीडर से जुड़े इलाकों में बिजली गुल हो गई। किसी तरह रात का समय गुजारा। हालांकि सुबह के समय पानी के लिए मशक्कत करनी पड़ी। शनिवार की सुबह साढ़े नौ बजे शहर के कुछ उपभोक्ता सब स्टेशन में पहुंचे। बिजली बाधित होने की वजह पूछी। कर्मचारियों के सही जवाब नहीं देने पर भड़क उठे। कर्मचारियों से आदत में सुधार लाने की चेेतावनी दी। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। कर्मचारियों के माफी मांगने के बाद मामला शांत हो सका।
सुबह के समय वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए हनुमान मंदिर फीडर को चालू हो सका। सुबह के समय पानी के लिए पानी के लिए लोगों को परेशान होना पड़ा। टंकियों का पानी खत्म हो गया। हैंडपंप के पानी से कामकाज निपटाया गया।
जबकि भुजौली, रेलवे और टाउन फीडर की आपूर्ति दोपहर दो बजे से बहाल हो सकी। साथ ही जिला अस्पताल रोड पर पेड़ की डाल की छटाई से दोपहर 12 बजे तक आपूर्ति बाधित रही। वहीं खुखुंदू बिजली उपकेंद्र से जुड़े भलुअनी दुबे और महानपुर में कई जगहों पर पेड़ गिर गए। कई घरों का एस्बेस्टस उड़ गया।
शनिवार की दोपहर दो बजे अधिकांश जगहों पर बिजली आपूर्ति शुरू हो गई। हालांकि खजुरी, जुआफर, मुसैला खुर्द-बुजुर्ग, बड़हरा, महानपुर, भलुअनी दुबे और महानपुर समेत 30 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप है। रामपुर कारखाना में देर शाम तक बिजली बहाल नहीं हो सकी। इससे नगर क्षेत्र समेत 90 गांवों में बिजली गुल है।